कार स्टार्ट न होना और बैटरी का बारबार डिस्चार्ज होना किसी भी कार मालिक के लिए परेशानी वाली बात है. कई लोग ऐसी स्थिति में जंप स्टार्ट करवाकर फिर गाड़ी चलाने लगते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बारबार सामने आ रही है, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. हो सकता है कि बैटरी के अलावा कार के किसी दूसरे हिस्से में भी दिक्कत हो. चलिए आपको बताते हैं उन 5 आम वजहों के बारे में, जिनकी वजह से कार की बैटरी बारबार डाउन हो सकती है.

बैटरी टर्मिनल पर जंग
के टर्मिनल पर समय के साथ सफेद या हरे रंग की परत जम सकती है. इसे कोरोजन कहा जाता है. यह परत बैटरी और कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम के बीच करंट के फ्लो में रुकावट पैदा करती है. इसका सीधा असर बैटरी की चार्जिंग पर पड़ता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बैटरी ठीक से चार्ज नहीं हो पाती और कुछ समय बाद बारबार डाउन होने लगती है. इसलिए टर्मिनल और केबल कनेक्शन की समयसमय पर जांच और सफाई करवाना जरूरी है.
अल्टरनेटर में खराबी
अल्टरनेटर चालू रहने के दौरान बैटरी को चार्ज करने का काम करता है. अगर इसमें खराबी आ जाए या यह पर्याप्त वोल्टेज न दे, तो गाड़ी चलने के बावजूद बैटरी ठीक से चार्ज नहीं होगी.ऐसे में कार कुछ समय तक बैटरी में बची पावर से चल सकती है, लेकिन आखिरकार बैटरी पूरी तरह खत्म हो सकती है. लगातार ऐसी समस्या आने पर मैकेनिक से अल्टरनेटर का चार्जिंग वोल्टेज जरूर चेक करवाएं.
पैरासिटिक ड्रेन
कई बार कार बंद करने के बाद भी कोई इलेक्ट्रिकल सिस्टम बैटरी से थोड़ीथोड़ी पावर लेता रहता है. इसे पैरासिटिक ड्रेन कहा जाता है. इंटीरियर लाइट का जलता रह जाना, हेडलाइट बंद न होना या डैशकैम, जीपीएस ट्रैकर और दूसरी आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज का लगातार पावर लेना इसकी वजह हो सकता है. ऐसी स्थिति में कार कुछ घंटों या रातभर खड़ी रहने के बाद भी स्टार्ट होने से इनकार कर सकती है.
बैटरी पुरानी हो चुकी है
कार की बैटरी हमेशा नहीं चलती. आमतौर पर इसकी उम्र करीब 3 से 5 साल तक हो सकती है, हालांकि इस्तेमाल और मौसम के हिसाब से यह कम या ज्यादा भी हो सकती है. समय के साथ बैटरी की चार्ज रखने की क्षमता घटने लगती है. अगर आपकी बैटरी कई साल पुरानी है और बारबार डाउन हो रही है, तो उसकी हेल्थ टेस्ट करवाकर जरूरत पड़ने पर नई बैटरी लगवाना बेहतर है.
छोटी दूरी की ड्राइव और मौसम
अगर आप कार को रोजाना सिर्फ थोड़ी दूरी तक चलाते हैं और कुछ ही देर बाद बंद कर देते हैं, तो अल्टरनेटर को बैटरी को पर्याप्त चार्ज करने का मौका नहीं मिलता. इससे धीरेधीरे बैटरी कमजोर हो सकती है.इसके अलावा बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड भी बैटरी की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकती है. तापमान में ज्यादा बदलाव बैटरी के अंदर होने वाली केमिकल प्रक्रिया को प्रभावित करता है और उसकी क्षमता कम हो सकती है.
बैटरी बारबार डाउन हो तो क्या करें?
सिर्फ बैटरी बदल देना हर बार सही समाधान नहीं होता. सबसे पहले बैटरी और उसके टर्मिनल, केबल कनेक्शन, बैटरी की हेल्थ, अल्टरनेटर का चार्जिंग वोल्टेज और पैरासिटिक ड्रेन की जांच करवाएं. साथ ही कार में लगी आफ्टरमार्केट इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज और आपकी ड्राइविंग आदतों पर भी ध्यान दें.
समस्या की सही वजह पता लगाकर उसका समाधान करना ही बेहतर है. इससे बारबार जंप स्टार्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी और सफर के बीच कार के अचानक बंद होने का जोखिम भी कम किया जा सकता है.



