पाकिस्तान में अज्ञात हमलावर ने हाल ही में अमीर हमजा नाम के एक आतंकी को गोलियों से भून दिया था। इसी बीच भारत 3500 किमी दूर छिप कर बैठे एक पाकिस्तानी आतंकी को दबोच लाया है। इस आतंकी का कोड नेम खरगोश है क्योंकि यह आतंकी कश्मीर में अपने मददगारों की वजह से घनी आबादी में भी छुपकर आराम से रह रहा था। जिस तरह से खरगोश अपने बिल में रहते हैं। यह आतंकी बहुत तेजी से जगह बदलकर सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से भी बच निकलता था इसीलिए इसे खरगोश कोड नेम दिया गया था। लेकिन आखिरकार भारत ने इस खतरनाक आतंकी को एक मुस्लिम देश में जाकर दबोच लिया है।
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आपको बता दें कि इस आतंकी को सऊदी अरब में पकड़ा गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस आतंकी की गिरफ्तारी की खबर ऐसे समय पर सार्वजनिक की गई है जिस वक्त भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोवाल खुद सऊदी अरब में थे। खरगोश कोड नेम वाले इस पाकिस्तानी आतंकी का नाम उमेर हारिस है। यह पीओके के खैबर पख्तूनख्वा का रहने वाला है और लश्कर तैबा का आतंकी है। सालों पहले यह बॉर्डर पार करके कश्मीर में दाखिल हुआ था। उसके बाद यह कश्मीर के बांदीपुरा और श्रीनगर जैसे इलाकों में रहा। इसने कश्मीर के एक ओवर ग्राउंड वर्कर की बेटी से शादी की। यह शादी जयपुर में की गई थी। आपको बता दें कि ओवर ग्राउंड वर्कर का मतलब वो गद्दार है जो समाज में एक आम नागरिक की तरह रहता है लेकिन रात के अंधेरे में पाकिस्तान के लिए काम करता है। पाकिस्तानी आतंकियों को खानापानी हथियार और इंफॉर्मेशन पहुंचाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बहरहाल उमेर हारिस पर जब कश्मीर में शिकंजा कसना शुरू हुआ तो यह किसी तरह इंडोनेशिया भागने में सफल रहा। इसने इंडोनेशिया जाने के बाद भारत का एक जाली पासपोर्ट बनवाया। खुद को राजस्थान का नागरिक बताकर सऊदी अरब में फेक भारतीय पहचान से रहने लगा।
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लेकिन हाल ही में सुरक्षा बलों ने कश्मीर में एक एलईटी के नेटवर्क का भांडा फोड़ किया। इस ऑपरेशन में दो पाकिस्तानी आतंकियों समेत तीन कश्मीरी भी पकड़े गए थे। यह कश्मीरी आतंकवादियों को मदद पहुंचाते थे। जिन दो पाकिस्तानी आतंकियों को पकड़ा गया था, उनमें से एक तो 16 साल से फरार चल रहा था। बहरहाल इसी ऑपरेशन के दौरान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को खरगोश उर्फ़ उमेर हारिस की लोकेशन का पता चल गया। इसके बाद सऊदी अरब से संपर्क किया गया।
सऊदी अरब ने भी तुरंत भारत के इनपुट्स पर काम करते हुए उमेर हारिस को पकड़ लिया। इस खबर की जानकारी तब सार्वजनिक की गई जब एनएसए अजीत डोबाल खुद सऊदी अरब पहुंचे। यहां दिलचस्प बात यह है कि सऊदी अरब ने यह जानते हुए कि उमेर हारिस एक पाकिस्तानी है। इसके बावजूद इसको पकड़ लिया।