
अगर आप भी मेट्रो में तेज आवाज में रील देखते हैं, या स्पीकर पर चिल्ला-चिल्ला कर बात करते हैं या बिना हेडफोन के गाने चलाते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। हाल ही में चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने इसे लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में स्पष्ट कर दिया गया है कि मेट्रो में किसी भी तरीके से शोर मचाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
CMRL की एडवाइजरी के मुताबिक, मेट्रो या मेट्रो परिसर में तेज आवाज में बात करना, बिना हेडफोन के म्यूजिक या वीडियो चलाना या स्पीकर मोड पर कॉल करना अब नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रिपोर्ट की मानें तो अब तक इन्हें छोटी बात समझा जाता था, लेकिन अब इन्हें गंभीर समस्या माना जा रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खास तौर पर यह कानून यात्रियों को मोबाइल फोन से हो रहे शोर से छुटकारा दिलाने के लिए लाया गया है।
मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 की धारा 59 के अनुसार, ऐसा कोई भी व्यवहार जो दूसरे यात्रियों को असुविधा पहुंचाए या उनकी सुविधा में बाधा डाले, दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर यात्रियों को मेट्रो परिसर से बाहर भी किया जा सकता है। नए नियम इसी कानून का हिस्सा हैं।
CMRL ने यात्रियों को जुर्माने से बचने के कुछ तरीके भी सुझाए हैं। CMRL ने अपील की है कि लोगों को मेट्रो में हेडफोन का इस्तेमाल करना चाहिए, धीरे बात करनी चाहिए और कॉल को स्पीकर पर नहीं अटेंड करना चाहिए। इससे पहले इस महीने की शुरुआत में भारतीय रेलवे बोर्ड ने भी यात्रियों से इस तरह की अपील की थी। भारतीय रेलवे ने एक बयान में कहा कि वे ट्रेन में हेडफोन का इस्तेमाल करें जिससे सहयात्रियों को दिक्कत न हो।