भारत अगले हफ़्ते अमेरिका के साथ अहम व्यापार बातचीत फिर से शुरू करने के लिए वॉशिंगटन में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की तैयारी में है। यह दौरा एक ऐसे अहम मोड़ पर हो रहा है, जब दोनों देश एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के करीब पहुँच रहे हैं। यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ़ोन पर करीब 40 मिनट तक हुई बातचीत के ठीक एक दिन बाद सामने आया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि आने वाली बातचीत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है, जिस पर पिछले कई महीनों से बातचीत चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बैठक का मुख्य ज़ोर उन मुद्दों को सुलझाने पर होगा जो अभी तक हल नहीं हो पाए हैं, खासकर अमेरिका की टैरिफ़ नीतियों में हाल ही में हुए बदलावों को देखते हुए।

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भारतीय दल 20 को US जाएगा

भारत ने एग्रीमेट पर साइन नहीं किए है, इसलिए कोई कानूनी बाध्यता नही है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने बताया, भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में 20 अप्रैल को दल अमेरिका जाएगा। एक मसला यह भी है कि अमेरिका ने भारत सहित दूसरे देशो से आने वाले माल के चलते अमेरिकी व्यापार हितो को नुकसान पहुंचने के बारे में सेक्शन 301 सहित कुछ प्रावधानों के तहत जांच भी शुरू की थी। दोनो देशों के अधिकारी विचार करेंगे कि इन मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए।

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UK संग ट्रेड डील मई से लागू होगी

भारत और UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेट (FTA), जो पिछले साल जुलाई में साइन हुआ था, मई से लागू हो सकता है। कॉमर्स सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को यह जानकारी दी। भारत और UK के बीच हुए इस समझौते के तहत भारत के 99% निर्यात ब्रिटेन में  बिना किसी शुल्क (ड्यूटी) के जा सकेंगे, जबकि भारत में ब्रिटेन के उत्पादों जैसे कार और व्हिस्की पर टैक्स कम किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ओमान के साथ FTA 1 जून से लागू हो सकता है। न्यूजीलैंड के साथ FTA 27 अप्रैल को साइन होने की उम्मीद है।