होर्मुज बंद होने से तेल का संकट… फ‍िर भी भारत बेफिक्र! मोदी सरकार ने कैसे पलट दी क्रूड की बाजी?!..

Crude Oil Price: इजरायल ने ईरान पर 28 फरवरी 2026 को हमला क‍िया तो ईरान ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बंद कर दी. दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ा और क्रूड ऑयल और एलपीजी की सप्‍लाई चेन टूट गई. कुछ देशों में क्रूड और एलपीजी का संकट साफ देखा गया. भारत में भी सरकार के आश्‍वासन के बावजूद एलपीजी की ड‍िलीवरी के ल‍िए लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं. संघर्ष के बीच देश की मोदी सरकार ने क‍िसी भी तरह की क‍िल्‍लत से बचने के ल‍िए ऐसा कदम उठाया क‍ि पूरी बाजी ही पलट गई.

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज (strait of hormuz) बंद होने के बाद भारतीय बाजार में मार्च महीने में रूसी तेल के आयात में जबरदस्‍त इजाफा देखा गया. वेस्‍ट एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष का असर यह रहा क‍ि भारत का रूस से क्रूड इम्‍पोर्ट बिल पिछले महीने के मुकाबले चार गुना बढ़कर 6.2 बिलियन डॉलर (करीब 58 हजार करोड़) पर पहुंच गया. सेंटर फॉर र‍िसर्च ऑन एनर्जी एंड क्‍लीन एयर (CREA) ने एनाल‍िस‍िस में बताया क‍ि मार्च में भारत ने रूस से कुल 5.8 बिलियन यूरो (64,000 करोड़ रुपये) के हाइड्रोकार्बन खरीदे.

क्रूड ऑयल का आयात 4% कम हुआ
चीन के बाद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 64,000 करोड़ की हाइड्रोकार्बन खरीद में क्रूड ऑयल का ह‍िस्‍सा 91% रहा, बाकी कोयला और ऑयल प्रोडक्ट्स थे. होर्मुज बंद होने से मार्च में क्रूड का आयात कुल म‍िलाकर 4% कम हुआ. लेकिन इस दौरान रूस से इम्‍पोर्ट कीमत और क्‍वांट‍िटी दोनों के ह‍िसाब से बढ़ गया. रूसी क्रूड का आयात पिछले महीने के मुकाबले चार गुना बढ़ गया. सबसे बड़ा बदलाव सरकारी रिफाइनरियों में देखा गया.

रिफाइनरियों ने भी रूस से जमकर खरीदा क्रूड
सरकारी र‍िफाइनर‍ियों ने रूस से आयात में मंथ ऑन मंथ बेस पर 148% की बढ़ोतरी दर्ज की. यह आंकड़ा मार्च 2025 से भी 72% ज्यादा था. यही कारण रहा क‍ि स्पॉट मार्केट में रूसी तेल का ज्‍यादा उपलब्ध हुआ. इसके अलावा प्राइवेट रिफाइनरियों ने भी रूस से तेल की खरीद में 66% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की. फरवरी महीने में भारत रूस से हाइड्रोकार्बन का तीसरा सबसे बड़ा इम्‍पोर्टर रहा. पहले रूसी क्रूड की खरीद पर भारत को डिस्काउंट मिलता था, लेकिन होर्मुज के बंद होने से दाम में इजाफा हो गया.

पिछले चार साल से भारत रूस से बड़े पैमाने पर तेल का आयात कर रहा है. जनवरी-फरवरी में आयात में कुछ ग‍िरावट देखी गई, लेक‍िन अमेरिका की तरफ से एक महीने की छूट म‍िलने के बाद मार्च में फ‍िर से तेजी आ गई.