Monday, April 13, 2026
Politics

West Asia में शांति के लिए Putin की नई चाल, Iran के सामने रखी मध्यस्थता की पेशकश

West Asia में शांति के लिए Putin की नई चाल, Iran के सामने रखी मध्यस्थता की पेशकश
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नया कूटनीतिक पहलू सामने आया है, जहां रूस ने शांति बहाली में भूमिका निभाने की पेशकश की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बातचीत के दौरान मध्यस्थता की इच्छा जताई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, क्रेमलिन की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि पुतिन ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान खोजने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि रूस इस दिशा में हर संभव सहयोग देने और स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
बता दें कि यह पेशकश ऐसे समय पर आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई सीधी बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत से उम्मीद थी कि युद्धविराम को स्थायी रूप दिया जा सकेगा, लेकिन मतभेद बरकरार रहने से स्थिति फिर अनिश्चित हो गई है।
अमेरिका की ओर से कहा गया कि बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी स्थिति में बदलाव नहीं किया। वहीं ईरान ने इसके उलट अमेरिका पर ही बातचीत बिगाड़ने का आरोप लगाया है, हालांकि उसने विस्तार से कारण नहीं बताए हैं।
गौरतलब है कि रूस पहले भी इस तरह की मध्यस्थता की पेशकश कर चुका है। साल 2025 में भी जब क्षेत्र में संघर्ष तेज था, तब पुतिन ने कहा था कि ईरान के परमाणु मुद्दे का समाधान युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए होना चाहिए।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह भी ध्यान देने वाली बात है कि रूस खुद यूक्रेन के साथ लंबे समय से संघर्ष में उलझा हुआ है और वहां भी शांति प्रक्रिया में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। इसके बावजूद रूस का यह कदम वैश्विक कूटनीति में उसकी सक्रिय भूमिका को दिखाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस की मध्यस्थता स्वीकार की जाती है तो यह क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक अहम पहल हो सकती है, लेकिन इसके लिए सभी पक्षों की सहमति जरूरी होगी।
ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
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