
मेरठ। यूपी के मेरठ से सनसनीखेज मामला सामने आया है। सदर बाजार के तेली मोहल्ले में एक पिता बेटी की लाश के साथ रहा। इसके कुछ दिन बाद वो लापता हो गया। चार माह बाद लौटा तो घर में बेटी का कंकाल मिला। तंत्र-मंत्र के चलते मौत होने की बात सामने आई है।
मेरठ के सदर बाजार थाना इलाके के तेली मोहल्ले में शुक्रवार को दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लिपिक उदय भानु विश्वास अपनी 33 वर्षीय अविवाहित बेटी प्रियंका विश्वास की लाश के साथ कई दिनों तक घर में रहा। फिर अचानक वह घर पर बाहर से ताला लगाकर लापता हो गया और करीब चार महीने बाद जब वापस लौटा तब इस भयानक राज से पर्दा उठा।
बेटी प्रियंका का कंकाल घर पर बेड पर मिला है। पुलिस ने उदय भानु को गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक पूछताछ में तंत्र-मंत्र के चलते मौत होना सामने आया है। सीओ सदर कैंट नवीना शुक्ला का कहना कि पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।
शुक्रवार को आरोपी पिता उदय भानु विश्वास बेगमबाग में एक चाय की दुकान पर बैठा था तभी उसके भतीजे विश्वजीत विश्वास की नजर उस पर पड़ी। जब विश्वजीत ने प्रियंका के बारे में पूछा तो उदय भानु उसे गुमराह करने लगा। उसने कभी प्रियंका को देहरादून तो कभी गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही।
शक होने पर विश्वजीत ने परिवार के अन्य सदस्यों को मौके पर बुला लिया। कड़ी पूछताछ के बाद उदय भानु टूट गया और उसने स्वीकार किया कि प्रियंका का शव घर के भीतर ही है। जब परिजन और पुलिस तेली मोहल्ला स्थित घर पहुंचे और दरवाजा खोला तो वहां का मंजर स्तब्ध कर देने वाला था। घर के भीतर एक कमरे में बेड पर प्रियंका का कंकाल और कुछ बाल अवशेष के रूप में बचे थे।
शव से आने वाली सड़ांध को छिपाने के लिए पिता ने उस पर पानी बहाया था और शव के ऊपर गंदगी का ढेर लगा रखा था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सूचना मिलते ही सीओ सदर कैंट नवीना शुक्ला और सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपी पिता उदय भानु को गिरफ्तार कर लिया है।
पूरे घर में दुर्गंध
घर का दरवाजा खुलने पर सामने आया दृश्य स्तब्ध कर देने वाला था। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया था। दुर्गंध छिपाने के लिए शव पर पानी भी बहाया। उसने शव के ऊपर गंदगी का ढेर भी लगा रखा था। यह तरीका चौंकाने वाला है और सवाल उठाता है कि पिता ऐसा कैसे कर सकता है।
सितंबर 2025 में उदय भानु ने घर पर दुर्गा पूजा कराई थी जिसके बाद से न तो प्रियंका दिखी और न ही उदय भानु। अंदेशा है कि सितंबर में ही प्रियंका की मौत हुई है। वहीं पूछताछ में पता चला है कि 5 दिसंबर को उदय भानु घर पर ताला लगाकर हरिद्वार चला गया था।
सीओ कैंट के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में उदय भानु ने तंत्र-मंत्र के चक्कर में मौत होने की बात कही है लेकिन उसके बयानों में विरोधाभास है। पत्नी की मौत के बाद से वह गहरे तनाव और अकेलेपन में था।
बेटी के शव को न जलाकर उसके साथ ही रहना उसकी विक्षिप्त मानसिक स्थिति की ओर इशारा करता है। पुलिस अब उसकी मानसिक जांच भी कराने पर विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि उदय भानु स्पष्ट नहीं बता पा रहा है कि प्रियंका की मौत कब हुई और वह कितने समय तक शव के साथ घर में रहा। जांच जारी है।






