
नई दिल्ली: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर के बाद भी जो एक अशांति की स्थिति बनी हुई है। इसके पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना सबसे बड़ा कारण बनता दिख रहा है। ईरान के लिए युद्ध ने इसे मोटी कमाई का जरिया बना दिया है और इसकी वजह से अमेरिका को अपने सुपर पावर होने का एहसास अंतिम सांसें लेता नजर आ रहा है। कई तरह की रिपोर्ट है कि ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 20-20 लाख डॉलर की वसूली की है।
भारत से भी होर्मुज में ईरान कर रहा वसूली?
फारस की खाड़ी में युद्ध की वजह से फंसे कई भारतीय जहाज और टैंकर भी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में सफल रहे हैं। प्रश्न है कि क्या इन जहाजों से भी ईरान ने मित्र बनकर उगाही की है? क्योंकि होर्मुज में टोल वसूलने की बात ईरान की ओर से भी कही गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह भारत समेत उन पांच राष्ट्रों (रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान) के लिए भी है, जिसे ईरान ने सीजफायर से पहले भी छूट दी है।
ईरान से टोल को लेकर कोई बातचीत नहीं
दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत और ईरान के बीच टोल के मुद्दे पर ‘किसी तरह की बातचीत नहीं’ हुई है।
भारत की ओर से ईरान को टोल देने से इनकार
सीजफायर की घोषणा से पहले ही ईरान की ओर से टोल वसूली की खबरें आ रही हैं और उसने इसके लिए ओमान के साथ मिलकर एक प्रोटोकॉल बनाने की भी पुष्टि की है, जिसपर बाद में ओमान भी हामी भर चुका है।
ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से जब से होर्मुज से सीमित तौर पर जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है, मित्र राष्ट्र के तौर पर भारत के कम से कम 8 एलपीजी टैंकरों को वहां से सुरक्षित गुजरने का मौका मिला है।
लेकिन, क्या इसके लिए भारत को भी किसी तरह को टोल भुगतान करना पड़ा, तो भारत की ओर से इसे स्पष्ट तौर पर इनकार किया जाता रहा है।
पश्चिम एशिया संकट पर अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद 9 अप्रैल,2026 को प्रेस ब्रीफिंग में भी विदेश मंत्रालय की ओर से यही बात दोहराई गई।
टोल के प्रश्न पर…इस बिंदू पर हमारे और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। तो हम अभी वही हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर भविष्य में किसी तरह की कोई खास स्थिति पैदा होती है या होती है, तो उस वक्त किस तरह के हालात होंगे,यह हम उसी समय देखेंगे।
फारस की खाड़ी, होर्मुज में मौजूदा स्थिति
सीजफायर की घोषणा के बाद पैदा हुए तनाव की स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य आमतौर पर बंद की स्थिति में है।
अमेरिका ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की मांग की है।
तेल की सप्लाई में रुकावट बनने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आलोचना की है।
दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई अभी तक बाधित है।






