
नई दिल्ली। करीब 40 दिनों तक चले सैन्य घमासान के बाद दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार से पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता अनिश्चितता के घेरे में आ गई है। इस असमंजस के केंद्र में लेबनान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष है, जहां हिजबुल्ला और इजरायली सेना के बीच झड़पें थमने का नाम नहीं ले रहीं।
ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ के अनुसार, तेहरान ने स्पष्ट किया है कि यदि लेबनान में हमले नहीं रुके और विदेशों में जब्त ईरानी संपत्तियां जारी नहीं की गईं, तो वह वार्ता से हट सकता है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बकर गलीबाफ ने एक्स पर कहा कि लेबनान में युद्धविराम और ईरानी संपत्तियों की रिहाई, वार्ता से पहले पूरी की जानी चाहिए।
एक तरफ, जहां वार्ता में शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के लिए उड़ान भरी, वहीं ईरान की तरफ से देर रात तक इस बारे में कोई सूचना नहीं दी गई। वेंस की रवानगी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि दुनिया का सबसे ताकतवर रीसेट होने जा रहा है।
वहीं ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हम एक रीसेट प्रक्रिया चला रहे हैं। हम जहाजों में सबसे बेहतरीन गोला-बारूद, अब तक बने सबसे अच्छे हथियार भर रहे हैं। ये उन हथियारों से भी बेहतर हैं जिनका इस्तेमाल हमने पहले किया था, और उनसे हमने दुश्मनों को पूरी तरह तबाह कर दिया था। अगर हमारी कोई डील नहीं होती है, तो हम इन हथियारों का इस्तेमाल करेंगे और हम इनका इस्तेमाल बहुत असरदार तरीके से करेंगे।’
शुक्रवार को लेबनान पर इजरायली हमलों में 12 सुरक्षाकर्मियों समेत 18 लोग मारे गए। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने खाड़ी देशों से अमेरिका-इजरायल पर भरोसा न करने की सलाह देते हुए सही पक्ष चुनने की अपील की है। अनिश्चितताओं के बावजूद पाकिस्तान दोनों पक्षों की अगवानी करने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को वार्ता में शामिल होने आ रहे प्रतिनिधिमंडल और पत्रकारों के लिए आगमन वीजा की घोषणा की। पाकिस्तान में कई चरणों में सुरक्षा के चाक चौबंद उपाय किए गए हैं और 10,000 से ज्यादा सुरक्षा कर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं।
हमारे साथ खिलवाड़ भारी पड़ेगा: वेंस
न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता में अमेरिका का प्रतिनिधित्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। उनके साथ पश्चिम एशिया में विशेष अमेरिकी दूत स्टीव विटकाफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
पाकिस्तान के लिए रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वह ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए ट्रंप ने अपनी टीम के सामने स्पष्ट अपेक्षाएं रख दी हैं और समझौते की दिशा में ठोस प्रगति पर जोर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई और कहा कि अगर दोनों पक्ष ईमानदारी से बात करेंगे, तो सकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं।
साथ ही वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरानी पक्ष ने हमारे साथ खिलवाड़ की कोशिश की तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में अमेरिका ईरान से अपने नागरिकों की रिहाई का मुद्दा भी उठा सकता है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता में यह मुद्दा शामिल होने की संभावना है। हालांकि, व्हाइट हाउस और ईरान की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान की नई चेतावनी
रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान में ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद प्रमुख मोहम्मद बकर गलीबाफ करेंगे। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त खांची प्रमुख रूप से शामिल होंगे। ईरानी संसद प्रमुख एमए गलीबाफ ने एक्स पर लिखा कि लेबनान में युद्धविराम और विदेश में जब्त ईरानी संपत्ति को छोड़ने की शर्तों पर अमेरिका और ईरान परस्पर सहमत थे, लेकिन इन्हें लागू किया जाना लंबित है।
वार्ता शुरू होने से पहले इन दोनों मुद्दों का समाधान किया जाना अनिवार्य है। इससे पहले ईरान ने अमेरिका पर 10 सूत्रीय प्रस्तावों में शामिल तीन ¨बदुओं के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसमें लेबनान युद्धविराम, फार्स प्रांत पर ड्रोन घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन अधिकार के मुद्दे शामिल थे। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि लेबनान पर इजरायली हमले शुरुआती युद्धविराम का खुला उल्लंघन हैं और इससे शांति वार्ता बेमतलब प्रतीत हो रही है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने इंटरनेट मीडिया पर जारी बयान में खाड़ी देशों से अपील की कि वे मौजूदा हालात को समझें और सोच-समझकर फैसला लें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हिजबुल्ला ने भी दी चेतावनी एपी के अनुसार, हिजबुल्ला प्रमुख नईम कासिम ने शुक्रवार को एलान किया है कि इजरायल के साथ उनका संघर्ष आखिरी सांस तक जारी रहेगा
साथ ही, अगले हफ्ते अमेरिका में होने जा रही इजरायल-लेबनान शांति वार्ता को लेकर उन्होंने लेबनान सरकार से कहा है कि इजरायल को किसी भी तरह की छूट देना बंद किया जाए। कासिम ने दोहराया कि हिजबुल्ला पहले जैसे हालात में लौटने को तैयार नहीं है और आगे भी सख्त रुख अपनाएगा।
होर्मुज में टोल पर ट्रंप की चेतावनी
एएनआई के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की खबरों पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान बेहद खराब काम कर रहा है। होर्मुज से टोल वसूलना समझौते का हिस्सा नहीं है और ईरान को इसे तुरंत रोकना चाहिए। शिप-ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, बीते 24 घंटे में एकमात्र गैर ईरानी तेल टैंकर होर्मुज से निकल सका है।






