
Donation for Iran: अमेरिका के साथ जंग लड़ रहे ईरान की हिमायत में भारतीयों ने बड़ी तादाद में दान दिया. खास तौर पर कश्मीर लोगों ने ना सिर्फ पैसे, बल्कि सोना-चांदी, पीतल-तांबे के बर्तनों से भी मदद की है. इसके अलावा ईरानी दूतावास ने भी एक QR कोड जारी किया था, जिसके जरिए आर्थिक मदद भेजी जा सकती थी, लेकिन अब यह क्यूआर कोड बंद हो गया है. इसकी जानकारी खुद ईरानी दूतावास ने दी है.
भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने क्यूआर कोड शेयर करते हुए लिखा,’भारत के लोगों के लोगों के जरिए दिए गए सराहनीय सहयोग और समर्थन के लिए शुक्रिया. सूचित किया जाता है कि दूतावास के वे बैंक खाते, जो पहले आर्थिक सहायता लेने के लिए बताए गए थे, अब बंद कर दिए गए हैं. इसलिए आपसे अनुरोध है कि इन खातों या दूतावास के नाम पर बताए जा रहे किसी भी अन्य खाते में पैसे न भेजें.’
भारत में इकट्ठा हुआ करोड़ों रुपये का चंदा
जिस समय ईरान, अमेरिका-इजरायल से जंग लड़ रहा था, तब भारत समेत कई देशों में उसके लिए आर्थिक मदद इकट्ठा की गई. भारत में खास तौर पर कश्मीर के अंदर के करोड़ों रुपये का चंदा इकट्ठा किया गया. इस दौरान ना सिर्फ लोग पैसे दान कर रहे थे, बल्कि सोने चांदी के गहने भी दान किए. मासूम बच्चियों ने अपने कान की बालियां भी दान भी कर दीं और अनगिनत बच्चों ने अपनी गुल्लकें भी दान की थीं.
‘महिला ने पुरखों की निशानी भी दान कर दी’
इसके अलावा कई जगहों से बेहद दिलचस्प तस्वीरें भी सामने आईं, एक शख्स ने ईरान के नाम पर अपनी मुर्गी को दान किया था. हालांकि उसने सीधे मुर्गी दान नहीं की थी, बल्कि पहले उसने मुर्गी की नीलामी की, जिसमें वो 1 लाख 25 हजार रुपये में नीलाम हुई. इसके बाद मुर्गी के मालिक ने वो सारी रकम ईरान के नाम दान कर दी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरानी दूतावास ने भी एक महिला की तस्वीर शेयर करते हुए एक भावुक किस्सा बताया था कि एक महिला ने तो अपने पुरखों की आखिरी निशानी के तौर पर रखे हुए गहने ईरान के नाम दान कर दिए.






