Friday, April 10, 2026
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मोजतबा ने ’बेहोशी की हालत’ में पलट दिया गेम? ट्रंप चिल्लाते रह गए ईरान ने चली बडी चाल!..

मोजतबा ने ’बेहोशी की हालत’ में पलट दिया गेम? ट्रंप चिल्लाते रह गए ईरान ने चली बडी चाल!..
मोजतबा ने ’बेहोशी की हालत’ में पलट दिया गेम? ट्रंप चिल्लाते रह गए ईरान ने चली बडी चाल!..

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का पर्दा अब फटा-तब फटा के हालात चल रहे हैं. दोनों पक्ष जिस तरह जिद पर अड़े हैं, उससे जाहिर है कि ये सीजफायर लागू करना कितना मुश्किल रहा होगा. मंगलवार को अटैक के काले मुहूर्त से कुछ मिनट्स पहले हुई घटनाएं हाई-वोल्टेज ड्रामे को बयां करती हैं, जिसमें से एक मोजतबा खामेनेई का लास्ट मोमेंट मूव भी है.

अटैक से कुछ मिनट्स पहले तक पेंटागन को तक पता नहीं था कि ट्रंप क्या आदेश देने वाले हैं, उसी भयंकर सस्पेंस के बीच मोजतबा ने ऐसी चाल चली जिसके बाद पूरी ट्रंप के हालात-जज्बात सब बदल गए. उससे पहले तक खबरें आ रही थीं कि मोजतबा बेहोशी की हालत में हैं और कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं.

अमेरिका और ईरान में चल रही थी अटैक की तैयारी
जब ट्रंप सार्वजनिक रूप से ईरान को पूरी तरह मिटा देने की धमकी दे रहे थे, ठीक उसी समय पर्दे के पीछे कुछ और ही चल रहा था. यह मामला किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा है जहां आखिरी मिनटों में बाजी पलट गई.

अमेरिकी सेना ईरान के खास ठिकानों पर बड़े हमले की पूरी तैयारी कर चुकी थी. पेंटागन के अधिकारियों को आखिरी समय तक ये अंदाजा नहीं था कि ट्रंप हमला करेंगे या समझौता, जिससे काफी सस्पेंस का माहौल बना हुआ था.

ईरान के अंदर भी डर का माहौल था और कई लोग हमलों से बचने के लिए अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे थे. कई लोग जान की बाजी लगाने को तैयार थे और पावर प्लांट जैसी जगहों पर ह्यूमन चेन बना रहे थे.

मोजतबा का लास्ट मिनट मूव
ईरान और अमेरिका में डर के माहौल के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की एंट्री हुई. उन्होंने पहली बार अपने बातचीत करने वाले डेलीगेशन को डील की तरफ बढ़ने का सीधा आदेश दिया. इजराइल से अपनी जान का खतरा होने के कारण खामेनेई गुप्त तरीके से चिट्ठियों और दूतों के जरिए संदेश भेजकर इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहे थे.

मोजतबा का आदेश आते ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने न केवल बातचीत संभाली, बल्कि सेना के बड़े कमांडरों को भी समझौते के लिए राजी करने में अहम भूमिका निभाई.

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह चर्चा जोरों पर थी कि मोजतबा खामेनेई कोमा या बेहोशी की हालत में हैं और उनकी जगह कौन लेगा, इसे लेकर ईरान में भारी उथल-पुथल मची थी.

चीन, तुर्की और पाकिस्तान ने क्या किया?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समझौते की शर्तों को सार्वजनिक किया और दोनों पक्षों से इसे मानने की अपील की.

अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी अधिकारियों के बीच कड़ियां जोड़ने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने दिन-रात एक कर दिया.

चीन ने भी ईरान को सलाह दी थी कि वह इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता खोजे, क्योंकि युद्ध किसी के हक में नहीं था. आखिरकार अटैक से सिर्फ कुछ मिनट्स की दूरी पर जाकर सीजफायर का ऐलान हो गया.

क्या ये दो हफ्ते की शांति आगे भी बनी रहेगी?
ट्रंप ने आखिरी समय में इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर से फोन पर बात करके इस सीजफायर को पक्का किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस समझौते के तहत ईरान ने हॉर्मुज के रास्ते को उन जहाजों के लिए खोलने पर सहमति जताई है जो ईरान की सेना के साथ तालमेल बिठाकर चलेंगे. आने वाले शुक्रवार को पाकिस्तान में एक और बड़ी बैठक होनी है, जिसका नेतृत्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे, जहां भविष्य की राह तय की जाएगी.

me.sumitji@gmail.com

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