
दुनिया की नजरें इस वक्त पाकिस्तान पर टिकी हैं क्योंकि वहां अमेरिका और ईरान के बीच उस महायुद्ध को थामने की बात होनी है जिसने पूरी दुनिया की सांसें अटका रखी हैं. लेकिन ठीक उसी वक्त, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान की ओर रुख कर रहे हैं, अमेरिका ने एक ऐसी तस्वीर सोशल मीडिया पर चस्पा कर दी है जिसने इस्लामाबाद से लेकर बीजिंग तक सबके कान खड़े कर दिए हैं.
ये तस्वीर है अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की. तस्वीर अप्रैल 2025 की है, जब वेंस भारत आए थे और भारत के स्टार्टअप कल्चर और एआई हार्डवेयर की जमकर तारीफ की थी. अब आप कहेंगे कि इसमें नया क्या है? तो बता दें, इसकी टाइमिंग खास है. जब आपका सबसे बड़ा दूत आपके दुश्मन के पड़ोस में बैठकर अमन की भीख मांग रहा हो या सुलह की मेज बिछा रहा हो, तब अपने सबसे भरोसेमंद दोस्त की फोटो लगाना कोई इत्तेफाक नहीं होता. ये एक सोची-समझी कूटनीतिक चाल है जिसे ‘बैलेंसिंग एक्ट’ कहते हैं.
अमेरिका इस वक्त एक बहुत ही पतली रस्सी पर चल रहा है. एक तरफ ईरान के साथ 14 दिनों का वो सीजफायर है जिसे किसी भी तरह स्थायी शांति में बदलना है. इस बातचीत के लिए पाकिस्तान को मंच बनाया गया है. अब पाकिस्तान खुश हो सकता है कि चलो, सालों बाद अमेरिका ने हमें कोई घास तो डाली, हमारी जमीन पर बैठकर इतनी बड़ी बात हो रही है. लेकिन अमेरिका को पता है कि जैसे ही वो पाकिस्तान की जमीन पर पैर रखेगा, भारत में भौहें तन सकती हैं. उसे पता है कि भारत के साथ उसके रिश्ते इस वक्त जिस ऊंचाई पर हैं, वहां छोटी सी गलतफहमी भी भारी पड़ सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसीलिए, जेडी वेंस के विमान के पाकिस्तान की धरती पर लैंड होने से पहले ही अमेरिकी दूतावास ने ये फोटो डालकर साफ कर दिया कि पाकिस्तान सिर्फ एक वेन्यू है, हमारा पार्टनर तो आज भी भारत ही है.
इस तस्वीर की अहमियत खास क्यों?
जेडी वेंस इसमें मोदी के साथ मुस्कुराते हुए चल रहे हैं. कैप्शन में लिखा है कि भारत और अमेरिका के पास एक-दूसरे को देने के लिए बहुत कुछ है. एक तरफ अमेरिका का हार्डवेयर है और दूसरी तरफ भारत का शानदार स्टार्टअप इंफ्रास्ट्रक्चर. इससे अमेरिका बता रहा है कि हम पाकिस्तान इसलिए जा रहे हैं क्योंकि वहां मजबूरी है, ईरान से बात करनी है, लेकिन भारत के साथ हमारा रिश्ता जरूरत का नहीं, भविष्य का है. हम भारत के साथ टेक्नोलॉजी, स्पेस और डिफेंस की बातें करते हैं.
मैसेज की टाइमिंग क्यों खास?
अमेरिका इस वक्त ईरान के साथ बातचीत करके इजरायल को थोड़ा शांत करना चाह रहा है. ऐसे में भारत, जो इजरायल का भी दोस्त है और ईरान के साथ भी जिसके ऐतिहासिक रिश्ते हैं, उसे लूप में रखना अमेरिका के लिए जरूरी लग रहा है. वेंस की ये तस्वीर पीएम मोदी के साथ दिखाकर अमेरिका ने ये जता दिया कि साउथ एशिया में उसका असली और इकलौता स्ट्रेटेजिक पार्टनर भारत ही है. वो पाकिस्तान को सिर्फ एक पोस्टमैन की तरह इस्तेमाल कर रहा है जो ईरान का चिट्ठा अमेरिका तक पहुंचा सके.
पाकिस्तान के लिए अजीब स्थिति कैसे है?
वो अपनी पीठ थपथपा रहा है कि जेडी वेंस आ रहे हैं, जेरेड कुशनर आ रहे हैं, स्टीव विटकॉफ आ रहे हैं. उसे लग रहा है कि शायद ट्रंप प्रशासन के दिन वापस आ गए और उसकी लॉटरी लग गई. लेकिन जैसे ही उसने ये ट्विटर हैंडल खोला होगा, उसे हकीकत समझ आ गई होगी. अमेरिका ने साफ मैसेज दे दिया है कि भारत के साथ उसका रिश्ता ग्लोबल गुड के लिए है, जबकि पाकिस्तान के साथ उसका रिश्ता सिर्फ रीजनल स्टेबिलिटी यानी इलाके में आग न लगे, बस वहां तक है.
भारत-पाकिस्तान क्या है मैसेज?
साफ है कि अमेरिका ने एक तीर से दो शिकार किए हैं. उसने पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिला दी कि तुम सिर्फ एक मीटिंग पॉइंट हो, और भारत को ये भरोसा दिला दिया कि हमारी दोस्ती अटूट है. जेडी वेंस जब कल इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधियों के सामने बैठेंगे, तो उनके दिमाग में ये साफ होगा कि उनके पीछे भारत जैसा एक महाशक्ति खड़ा है जिसका समर्थन इस पूरे समझौते के लिए बहुत जरूरी है. पाकिस्तान के लिए ये तस्वीर एक आईना है और भारत के लिए एक कूटनीतिक जीत कि बिना वहां मौजूद रहे भी, अमेरिका उसे सबसे ऊपर रख रहा है.






