Wednesday, April 8, 2026
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‘सुसाइड नोट में नाम होने से कोई दोषी नहीं होता…’, नर्स ने डॉक्टर का नाम लिखकर दे दी थी जान, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला!

‘सुसाइड नोट में नाम होने से कोई दोषी नहीं होता…’, नर्स ने डॉक्टर का नाम लिखकर दे दी थी जान, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

Karnataka News: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने शहर के एक निजी अस्पताल की नर्स सरिता की आत्महत्या के मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी आदेश पारित किया है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आत्महत्या के नोट में नामित एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉक्टर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) को रद्द कर दिया है. हालांकि, मामले के मुख्य आरोपी डॉ. पृथ्वी को राहत नहीं मिली है और उनके खिलाफ मुकदमा जारी रहेगा.

यह मामला एक निजी अस्पताल के भीतर पनपे लव ट्राएंगल (Love Triangle) से जुड़ा है. अस्पताल में कार्यरत नर्स सरिता ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी. सरिता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, डॉ. पृथ्वी और सरिता के बीच प्रेम संबंध थे. इसी बीच, डॉ. पृथ्वी का संबंध उसी अस्पताल की एक महिला एनेस्थेसियोलॉजिस्ट के साथ भी कथित तौर पर जुड़ गया.

इस उलझे हुए रिश्ते और डॉ. पृथ्वी के व्यवहार से सरिता काफी तनाव में थीं. आत्महत्या से पहले छोड़े गए नोट में उन्होंने दोनों डॉक्टरों का नाम लिया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC 306) का आरोपी बनाया था.

अदालत का तर्क

उच्च न्यायालय ने एनेस्थेसियोलॉजिस्ट के खिलाफ मामला रद्द करते हुए स्पष्ट किया कि केवल सुसाइड नोट में नाम होने से किसी को उकसाने का दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक कि प्रत्यक्ष संलिप्तता न हो. वहीं, मुख्य आरोपी डॉ. पृथ्वी के खिलाफ पर्याप्त आधार पाते हुए न्यायालय ने उनके विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है. इस फैसले ने कानूनी हलकों में आत्महत्या के लिए उकसाने की परिभाषा पर एक नई बहस छेड़ दी है.

हॉस्टल की 9वीं मंजिल से कूदकर छात्र ने दी जान

सिलिकॉन सिटी बेंगलुरु से आत्महत्या की एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. येलाहांका न्यू टाउन स्थित एक निजी कॉलेज के हॉस्टल में रह रहे 21 वर्षीय छात्र लक्ष्मा मिश्रा ने इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली.

देर रात उठाया खौफनाक कदम

मूल रूप से झारखंड के रांची के रहने वाले लक्ष्मा मिश्रा बेंगलुरु में द्वितीय पीयूसी (12वीं कक्षा) की पढ़ाई कर रहे थे. पुलिस के अनुसार, यह घटना आज तड़के करीब 3 बजे की है. लक्ष्मा ने हॉस्टल की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

जांच में जुटी पुलिस

येलाहांका न्यू टाउन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक आत्महत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है. क्या यह परीक्षा का दबाव था, या कोई निजी कारण? पुलिस मृतक के सहपाठियों और शिक्षकों से पूछताछ कर रही है. रांची में रहने वाले परिजनों को सूचित कर दिया गया है. एक होनहार छात्र की इस तरह मौत से कॉलेज परिसर में शोक की लहर है.

me.sumitji@gmail.com

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