
आईपीएल 2026 (IPL 2026) शुरू हो चूका है, हर मैच में रोमांच देखने को मिल रहा है. IPL 2026 में बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिल रहा है. कल टिम डेविड ने मात्र 25 गेंदों में 8 छक्के और 3 चौके की मदद से 75 रनों की पारी खेली, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 300 का था. वहीं आईपीएल के बारे में हर एक बात जानने को फैंस बेहद उत्साहित रहते हैं.
IPL के हर मैच में स्टेडियम में दर्शक खचाखच भरे दिख रहे हैं, टीवी पर विज्ञापनों की बाढ़ है. हर बार की तरह आईपीएल सदाबहार है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेगा टूर्नामेंट के एक मैच के आयोजन पर कितनी रकम खर्च होती है? इसमें कहां-कहां से पैसा आता है? ब्रॉडकास्टर एक मैच से आखिर कितनी रकम कमाता है? बीसीसीआई को एक मैच से कितना पैसा मिलता है..वगैरह-वगैरह..? चकरा गए न? इतना आसान जवाब नहीं है!
1 IPL मैच से होती है इतने करोड़ की कमाई
IPL के एक मैच से अगर कमाई की बात करें तो 200 से लेकर 300 करोड़ प्लस (मोटे तौर पर या लगभग) भारतीय रुपयों की कमाई होती है. वहीं आईपीएल के हर मैच के आयोजन पर 12 से लेकर 20 करोड़ रुपये का कुल खर्च आता है. अगर आईपीएल मैचों में कमाई की बात करें तो सबसे ज्यादा पैसा मीडिया राइट्स से आता है.
जी हां, उसी पैसे से, जिसके लिए ब्रॉडकास्टरों (स्टार-स्पोर्ट्स और जियो) टीवी और डिजिटल राइट्स के लिए बीसीसीआई को 2023-27 तक करीब पचास हजार करोड़ रुपये चुकाएंगे. ऐसे में हर मैच से बोर्ड के खजाने में करीब 105 से लेकर 118 करोड़ रुपये मीडिया राइट्स से आते हैं.
विज्ञापन से नहीं मिलता है टीम के मालिकों को पैसा
हर मैच से ब्रॉडकास्टर को 120-160 करोड़ रुपये की कमाई होती है. यह पैसा टीवी और डिजिटल संसाधनों से ब्रॉडकास्टर के पास आता है, लेकिन इससे फ्रेंचाइजी को कुछ नहीं जाता है. यह सीधा प्रॉफिट ब्रॉडकास्टर का है. प्रतिशत के लिहाज से कुल कमाई का 50-55 % पैसा ब्रॉडकास्टोर को विज्ञापन से आता है.
उदाहरण के तौर पर अगर किसी मैच से कुल आमदनी 250 करोड़ रुपये होती है, तो 125-140 करोड़ रुपये ब्रॉडकास्टर के पास चले जाते हैं. इन पैसों में से फ्रेंचाइजी को पैसे नही दिए जाते हैं.
IPL में टिकट की बिक्री और प्रायोजक से होती है इतनी कमाई
इसके अलावा मैच के टिकटों से कुछ खास कमाई नही होती है, लेकिन फिर भी ठीक ठाक पैसे मिल जाते हैं. मैच के टिकट से 5 से 40 करोड़ तक की कमाई हो जाती है. अगर प्रतिशत में बात करें, तो संपूर्ण हिस्से में टिकटों की बिक्री रकम का योगदान 5-15 % होता है. यह पूरी तरह से मेजबान टीम के खाते में जाता है. संपूर्ण कमाई में यह करीब 15-35 करोड़ रुपये प्रति मैच हो सकता है.
हर टीम अपनी ओर से प्रायोजक ढूंढने के लिए स्वतंत्र है. अपना टाइटल स्पॉन्सर, जिसका बड़ा लोगो टीम की शर्ट के अलावा कई जगह होता है. और इससे हर टीम हर साल करीब 3-10 करोड़ रुपये की कमाई करती है और यह पूरी तरह से फ्रेंचाइजी की कमाई होती है.
वहीं टाइटल स्पोंसर से सबसे ज्यादा पैसे मिलते हैं. टाइटल स्पॉन्सर मतलब टाटा आईपीएल. ऐसे में टाटा से पूरी रकम बीसीसीआई के पास जाएगी. और इसमें से एक तय हिस्सा सभी टीमों में बराबर-बराबर बंटता है. अगर प्रतिशत में बात करें, तो एक मैच की प्रायोजन राशि का करीब 5-10 % हिस्सा बोर्ड सभी टीमों में बराबर बांटता है.
हर IPL मैच के आयोजन में कितना होता है खर्चा
IPL के एक मैच के आयोजन पर करीब 12 से 20 करोड़ रुपये (अनुमानित, मैच के हिसाब) से आता है. इसे आप ऐसे आसानी से समझ सकते हैं.
1. स्टेडियम+ग्राउंड तैयारी: (1 से 2.5 करोड़ )
2. सिक्योरिटी (सबसे बड़े खर्चों में से एक): (1 से 1.5 करोड़)
3. टीम लॉजिस्टिक्स: (1.5 से 2.5 करोड़)
4. इवेंट प्रोडक्शनछ (1 से 1.5 करोड़)
5. स्टॉफ एंड ऑपरेशन (1 से 1.5 करोड़)
6. मैच अधिकारी: (करीब 50 लाख)
7. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लोकल मार्केटिंग: (करीब 1 करोड़)
8. मिले-जुले खर्च: (1 करोड़)
ऐसे में एक मैच के आयोजन में सिर्फ 15 से 20 करोड़ रूपये खर्च होते हैं, जबकि एक मैच से कमाई 200 से लेकर 300 करोड़ तक की कमाई हो जाती है.






