
Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद अजब-गजब मामला सामने आया है. ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के एक गांव में खुशियों का माहौल उस वक्त मातम और कड़वाहट में बदल गया, जब सलामी की एक छोटी सी रस्म को लेकर दूल्हा अड़ गया. विवाद इतना बढ़ा कि निकाह की तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद दुल्हन की विदाई नहीं हो सकी और दूल्हे को बिना दुल्हन के ही घर वापस लौटना पड़ा.
घटना 2 अप्रैल की है. दूल्हा धूमधाम और अरमानों के साथ बरात लेकर वधू पक्ष के दरवाजे पर पहुंचा था. स्वागत-सत्कार हुआ, दावतें हुईं और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकाह भी संपन्न हो गया. कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद जब विदाई की घड़ी आई, तब सलामी की रस्म शुरू हुई.
इसी दौरान दूल्हे ने नोटिस किया कि उसके बड़े भाई को वो तवज्जो और सम्मान नहीं दिया जा रहा है, जिसकी वो उम्मीद कर रहा था. दूल्हे का आरोप था कि सलामी की रस्म में उसके बड़े भाई की अनदेखी की गई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बस, इसी बात की लड़ाई ने देखते ही देखते पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया.
विदाई की दहलीज पर हाईवोल्टेज ड्रामा
दूल्हा इस बात पर अड़ गया कि जब तक उसके बड़े भाई को उचित मान-सम्मान नहीं मिलता, वह दुल्हन को साथ लेकर नहीं जाएगा. दुल्हन पक्ष के बुजुर्गों और रिश्तेदारों ने हाथ जोड़कर मान-मनौव्वल की, अपनी गलती की माफी भी मांगी. लेकिन दूल्हे की जिद कम होने का नाम नहीं ले रही थी. देखते ही देखते हंसी-ठिठोली का माहौल तीखी नोकझोंक और सरेआम हंगामे में तब्दील हो गया.
‘ऐसी जगह बेटी सुखी नहीं रहेगी’
दूल्हे को बीच सड़क और लोगों के सामने हंगामा करते देख दुल्हन के परिजनों का धैर्य जवाब दे गया. उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य और सुरक्षा को लेकर एक साहसी और कड़ा फैसला लिया. वधू पक्ष ने स्पष्ट कह दिया कि जो लड़का विदाई जैसी भावुक रस्म के वक्त इतनी मामूली बात पर बखेड़ा खड़ा कर सकता है और सरेआम तमाशा कर सकता है, उसके घर उनकी बेटी कभी सुखी नहीं रह पाएगी.
दुल्हन के पिता और भाइयों ने विदाई से साफ इनकार कर दिया. कई घंटों तक स्थानीय गणमान्य लोगों और पंचायत ने मध्यस्थता की कोशिश की, ताकि मामला सुलझ जाए और बेटी अपने ससुराल जा सके, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तल्खी इतनी बढ़ चुकी थी कि सुलह की सारी कोशिशें नाकाम साबित हुईं.
अब कानूनी चौखट पर पहुंचा विवाद
रिश्तों की यह कड़वाहट अब थाने की दहलीज तक जा पहुंची है. दूल्हे के पिता ने ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है. शिकायती पत्र में दूल्हे के पिता ने दुल्हन पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनकी मांग है कि या तो उनकी बहू को पूरे सम्मान के साथ विदा कर उनके घर भेजा जाए. अन्यथा, शादी समारोह और बरात की तैयारी में उनके द्वारा खर्च की गई पूरी धनराशि (हर्जाना) वापस दिलाई जाए. दूल्हे के पिता का कहना है कि इस घटना से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
पुलिस की कार्रवाई
ठाकुरद्वारा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दूल्हे पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है. पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को बुलाकर जांच कर रही है. प्रभारी निरीक्षक ने आश्वस्त किया है कि तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी कानूनी रूप से उचित होगा, वही कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग इस बात पर हैरान हैं कि कैसे एक छोटी सी रस्म के फेर में एक दूल्हा कुंवारा रह गया और निकाह होने के बाद भी एक दुल्हन अपने बाबुल के घर ही रह गई.





