
Earthquake in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर के साथ पूरे उत्तर भारत में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात करीब 9.50 बजे भूकंप से धरती कांप उठी, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी में भूकंप के झटके महसूस किए गए. यह भूकंप अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र (हिंदू कुश क्षेत्र) में आया था, जो लगभग 175 से 186 किलोमीटर नीचे था. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.9 मापी गई.
लोगों में पसरी दहशत
शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी भी जानमाल का नुकसान की खबर नहीं है. दरअसल, यह झटके ऐसे समय पर महसूस हुए जब अधिकांश लोग घरों में खाना खा रहे थे या खाने की तैयारी में थे. इसी दौरान भूकंप के झटके महसूस होने से लोगों में दहशत फैल गई.
भूकंप दिल्ली-एनसीआर में करीब 9 बजकर 50 मिनट पर आया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सिर्फ राजधानी ही नहीं बल्कि चंडीगढ़, लुधियाना, पूंछ, श्रीनगर और उधमपुर में भी झटके महसूस किए गए. दिल्ली से सटे एनसीआर की हाई-राइज इमारतें भी कुछ सेकंड्स तक हिलती रहीं. इस वजह से लोग अपने घरों से निकलकर बाहर आ गए. गाजियाबाद के रहने वाले एक शख्स ने कहा, ‘बारिश पड़ रही थी, तभी भूकंप के झटके महसूस हुए. यह बहुत ज्यादा बड़ा तो नहीं था. इसलिए मैं स्थिति को देखते हुए घर के बाहर आ गया.’
दिल्ली में कब-कब आए भूकंप
अगर नवंबर 2024 से लेकर फरवरी 2025 तक के आंकड़ों को देखें तो इस अवधि में भारत में कुल 159 भूकंप आए हैं.
इससे पहले 17 फरवरी 2025 को दिल्ली में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इसमें राजधानी दिल्ली को हिलाकर रख दिया था. इसे पिछले 3 दशकों में दिल्ली में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया गया था.
10 जुलाई 2025 को भी उत्तर भारत भूकंप के झटकों से हिल गया था. तब हरियाणा के झज्जर में सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था.
61% हिस्सा हाई रिस्क जोन में
बता दें कि साल 2025 के नवंबर में भारतीय मानक ब्यूरो ने भूकंप जोन का एक नया नक्शा जारी किया था, जिसमें पहली बार जोन VI को शामिल किया गया. इसके मुताबिक, भारत का करीब 61 प्रतिशत हिस्सा हाई रिस्क वाले जोन में है. यह आंकड़ा पहले 59 प्रतिशत था. पूरे हिमालयी क्षेत्र यानी अरुणाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक को जोन VI में रखा गया है. पिछले साल जनवरी के शुरुआती हफ्तों में भारत के करीब 9 राज्यों में लगातार भूकंप के झटके आए थे.






