विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का जो इस वक्त वैश्विक संकट की स्थिति के बीच पड़ोसी देशों की ओर से ऊर्जा आपूर्ति के लिए भारत को किए जा रहे अनुरोध पर बात कर रहे हैं। जहां रणधीर जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया उन्होंने कहा कि इन सभी अनुरोधों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। दरअसल पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ईंधन संकट के बीच भारत एक बार फिर क्षेत्र सहयोग का केंद्र बनकर उभर रहा है। जहां इस संकट के इस घड़ी में पड़ोसी देश भारत की ओर मदद के लिए देख रहे हैं। खास करके पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर और इसी मुद्दे पर जब एमईए के प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने बांग्लादेश को सप्लाई किए जा रहे ईंधन से जुड़ा सवाल पूछा तो रणधीर जायसवाल ने जवाब देते हुए बताया कि भारत किन-किन पड़ोसी देशों की मदद इस संकट के समय कर रहा है और इसके साथ ही किन-किन देशों से भारत की ओर मदद मांगी गई।
स्टेट ऑफ हार्मोंस जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर तनाव दिखना जहां जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बहुत प्रभावित हुई है और तेल संकट और भी ज्यादा गहराता हुआ दिख रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब पड़ोसी देश भारत की तरफ मदद के लिए इस संकट की स्थिति में देख रहे हैं। जैसा कि रणधीर जायसवाल ने बताया भारत अपने पड़ोसी देशों की मदद भी कर रहा है। जहां उसने बांग्लादेश और श्रीलंका को आपूर्ति की है। इसके साथ ही नेपाल भूटान को भी आपूर्ति कर रहा है। कुल मिलाकर वैश्विक संकट के इस दौर में भारत ना सिर्फ अपनी ऊर्जा सुनिश्चित कर रहा है बल्कि अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए भी आगे आ रहा है। यह भारत की नेबरहुड फर्स्ट की नीति को दिखाता है। जहां भारत अपने पड़ोसियों की मदद करता है।






