पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि नाटो को तोड़ने और यूरोप को ऊर्जा संकट में धकेलने की धमकियां रूस के रणनीतिक हितों से बेहद मेल खाती हैं। उनकी यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा नाटो की आलोचना करने और ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को अपर्याप्त समर्थन का हवाला देते हुए 32 सदस्यीय गठबंधन से हटने के संकेत देने के बाद आई है। ट्रंप का नाम लिए बिना, टस्क ने संकेत दिया कि नाटो को कमजोर करने, यूक्रेन को समर्थन रोकने और रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने के प्रयास रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की योजना के अनुरूप प्रतीत होते हैं।
टस्क ने एक्स पर पोस्ट किया कि नाटो को तोड़ने की धमकी, रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील, यूरोप में एक बड़ा ऊर्जा संकट, यूक्रेन को सहायता रोकना और ओर्बन द्वारा कीव को दिए गए ऋण को रोकना यह सब पुतिन की सपनों की योजना जैसा लगता है। गौरतलब है कि ट्रंप ने मध्य पूर्व संघर्ष में अमेरिका का समर्थन न करने के लिए नाटो की बार-बार आलोचना की है। बुधवार को द टेलीग्राफ को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वे नाटो की ताकत से कभी आश्वस्त नहीं थे और लंबे समय से मानते आए हैं कि यह अप्रभावी है। उन्होंने यह भी कहा कि अब गठबंधन से अमेरिका की वापसी पर पुनर्विचार करना संभव नहीं है।
सहयोगियों के लिए ट्रंप का स्पष्ट संदेश
इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य सहयोगियों की आलोचना करते हुए सुझाव दिया कि उन्हें या तो होर्मुज जलडमरूमध्य से अपना तेल सुरक्षित करने का साहस दिखाना चाहिए या इसे संयुक्त राज्य अमेरिका से खरीदना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका अब उनकी ओर से लड़ने की जिम्मेदारी नहीं उठाएगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वे सभी देश जिन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य के कारण जेट ईंधन नहीं मिल पा रहा है, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान के पतन में शामिल होने से इनकार कर दिया, उनके लिए मेरा एक सुझाव है: नंबर 1, अमेरिका से खरीदें, हमारे पास प्रचुर मात्रा में है, और नंबर 2, कुछ देर के लिए हिम्मत जुटाएं, जलडमरूमध्य पर जाएं, और बस उस पर कब्जा कर लें।






