Mossad Plan to Kill Munir: ब्राजील एक वरिष्ठ पत्रकार ने ऐसा दावा किया है, जिसने दुनिया को दंग कर दिया. जियो स्ट्रैटेजिक एक्सपर्ट पेपे एस्कोबार ने कहा कि इजरायल की सीक्रेट एजेंसी मोसाद ने पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर को और उनके डेलीगेशन की हत्या की साजिश रची थी. हत्या को उस वक्त अंजाम दिया जाना था, जब ईरानअमेरिका के बीच शांतिवार्ता में शामिल होने के लिए मुनीर और उनका प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के जिनेवा पहुंचे.

दरअसल, गत 19 जून को ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर जिनेवा में हस्ताक्षर होने थे. हालांकि, किसी कारणवश यह टल गया और फिर 21 जून को इस संबंध में दोनों देशों के बीच शांतिवार्ता का पहला चरण शुरू हुआ.
पाक ने दावे को किया खारिज
ब्राजील के पत्रकार के दावे के बाद दुनिया में हलचल मच गई. हालांकि, पाकिस्तानी पत्रकार की ओर से इस दावे को खारिज कर दिया गया है. जानकारी दें कि पाकिस्तान दावा करता रहा है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका में हैं, लेकिन कई मौकों पर ऐसा होता नहीं नजर आया.
ब्राजील के पत्रकार का दावा क्या है?
ब्राजील के पत्रकार एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य खुफिया एजेंसी को काफी भरोसेमंद जानकारी मिली थी. इसमें बताया गया था कि जिनेवा में हाईलेवल मीटिंग के दौरान मुनीर और पाकिस्तानी डेलीगेशन के अन्य सदस्यों को मारने की तैयारी मोसाद कर रहा है.
बता दें कि इससे पहले इजरायली नेताओं की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की आलोचना की गई. बताया जा रहा है मोसाद ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कहने पर मुनीर की हत्या की प्लानिंग की.
पाकिस्तान की इजरायल को सीधी चेतावनी
ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने कहा कि मोसाद की कथित साजिश के बारे में जैसे ही पाकिस्तान के अधिकारियों को पता चला, तो पाक की ओर से राजनयिक मध्यस्थों के माध्यम से जवाब दिया गया. उनका कहना है कि पाकिस्तानियों ने हमेशा की तरह मध्यस्थों के माध्यम से सीधा संदेश भेजा. मेरा मानना है कि इस मामले में ओमान ने सीधे इजरायल को संदेश भेजा होगा, जिसमें कहा गया होगा, ‘अगर तुमने हमारे प्रतिनिधिमंडल को छुआ, तो हम तुम्हें नक्शे से मिटा देंगे.
पाकिस्तान ने नहीं की दावे की पुष्टि
हालांकि, ध्यान देने वाली बात है कि ब्रजील के पत्रकार एस्कोबार के दावे की पूरी तरीके से पुष्टि नहीं हो सकी है. पाक या इजरायल की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. वहीं, एस्कोबार के दावे का समर्थन करने वाला कोई सबूत भी नहीं है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर उठे सवाल
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इजरायलअमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता सवालों के घेरे में है. चूंकि, इजराइल और पाकिस्तान दोनों एकदूसरे को दुश्मन मानते हैं और दोनों देशों के बीच कोई रणनीतिक साझेदारी नहीं है.
इस बात पर भी गौर किया जाना चाहिए कि हाल के समय में ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों से संबंधित चर्चाओं के दौरान इजरायल की कड़ी आलोचना की थी. ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को मानवता के लिए खतरा करार दिया था.



