Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को सदर तहसील के गंगा कटरी क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय लोधवा खेड़ा का औचक निरीक्षण किया. स्कूल में तैनात पांच शिक्षकों में से चार शिक्षक मौके पर मौजूद नहीं मिले. वहीं, 106 बच्चों के नामांकन वाले विद्यालय में सिर्फ तीन छात्र उपस्थित मिले. पूरी व्यवस्था एक शिक्षामित्र के भरोसे चलती मिली.

विद्यालय की इस स्थिति को देखकर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए. साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले में जवाब मांगा है. डीएम ने कहा कि शिक्षकों की अनुपस्थिति के बावजूद विद्यालय में पढ़ाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है.
पांच में से चार शिक्षक अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक रंजना गुप्ता और शिक्षिका क्षमा श्रीवास्तव आकस्मिक अवकाश पर बताई गईं. शिक्षिका साफिया खातून अंसारी बीआरसी में आयोजित प्रशिक्षण में गई थीं, जबकि सबीहा हसन जैदी चिकित्सकीय अवकाश पर थीं. इस तरह विद्यालय में केवल शिक्षामित्र महेश प्रसाद ही मौजूद मिले.
डीएम ने कहा कि एक ही दिन अधिकांश शिक्षकों के विद्यालय से अनुपस्थित रहने के कारण पठनपाठन प्रभावित होना गंभीर मामला है. उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए.
106 में सिर्फ 3 छात्र उपस्थित
स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी बेहद चिंताजनक मिली. 106 नामांकित बच्चों में महज तीन बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे. इस पर भी डीएम ने अधिकारियों से जवाब मांगा और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए. ग्रामीणों ने भी निरीक्षण के दौरान स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी से शिकायतें कीं. निरीक्षण के दौरान डीएम ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का भी जायजा लिया. स्कूल में निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों के लिए रोटी और सब्जी तैयार की जा रही थी.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. शिक्षकों की अनुपस्थिति और विद्यार्थियों की बेहद कम उपस्थिति को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, तहसीलदार सदर विनय कुमार द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.



