कई लोगों को बारबार सिरदर्द होने की समस्या रहती है. कभीकभी सिरदर्द कुछ समय के लिए होता है और आराम करने या रोज की दिनचर्या में बदलाव के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन अगर सिरदर्द बारबार हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सिरदर्द के कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे कम नींद लेना, तनाव, ज्यादा देर तक स्क्रीन देखना, शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक खाली पेट रहना या आंखों पर ज्यादा जोर पड़ना. इसके अलावा मौसम में बदलाव और तेज शोर भी कुछ लोगों में सिरदर्द की वजह बन सकते हैं.

हर बार का कारण एक जैसा नहीं होता. कई बार यह रोज की आदतों या लाइफस्टाइल से जुड़ा हो सकता है, जबकि बारबार होने वाला सिरदर्द किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या से भी जुड़ा हो सकता है. इसलिए अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है या बारबार होने लगे, तो इसके कारण को समझना जरूरी है. आइए जानते हैं बारबार सिरदर्द के पीछे किन बीमारियों की वजह हो सकती है और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
किन बीमारियों की वजह से बारबार हो सकता है सिरदर्द?
बारबार होने वाला सिरदर्द कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है. माइग्रेन में सिर के एक या दोनों तरफ तेज धड़कता हुआ दर्द हो सकता है और यह घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है. टेंशनटाइप हेडेक में सिर के चारों ओर दबाव या खींचाव जैसा महसूस हो सकता है. साइनस से जुड़ी परेशानी में चेहरे और माथे के आसपास दबाव या दर्द महसूस हो सकता है. कुछ लोगों में दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल भी बारबार सिरदर्द की वजह बन सकता है.
हेमिक्रेनिया कॉन्टिनुआ एक तरह का लगातार रहने वाला सिरदर्द है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें सिर के एक ही तरफ लगातार दर्द बना रह सकता है. दर्द कभी हल्का तो कभी तेज हो सकता है. इसके साथ उसी तरफ आंख में पानी आना, आंख लाल होना या नाक बंद होने जैसी परेशानी भी हो सकती है. इसके अलावा दिमाग के आसपास की ब्लड वेसल्स में परेशानी, मेनिन्जाइटिस, ब्रेन ट्यूमर या सिर में चोट लगने के कारण भी लगातार सिरदर्द हो सकता है. क्रॉनिक डेली हेडेक में सिरदर्द महीने में कम से कम 15 दिन और तीन महीने से ज्यादा समय तक हो सकता है. सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच जरूरी है.
सिरदर्द से कैसे करें बचाव?
सिरदर्द से बचने के लिए रोज की लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है. पर्याप्त नींद लें और दिनभर पानी पीते रहें. लंबे समय तक खाली पेट न रहें और खाने का समय बहुत ज्यादा न बदलें. लगातार कई घंटे मोबाइल, कंप्यूटर या टीवी देखने से बचें और बीचबीच में आंखों को आराम दें. तनाव कम करने के लिए वॉक, योग, मेडिटेशन या अपनी पसंद की हल्की एक्टिविटी कर सकते हैं.
अगर किसी खास चीज के बाद बारबार सिरदर्द होता है, तो उसे नोट करें और उससे बचने की कोशिश करें. दर्द होने पर बारबार अपनी मर्जी से पेनकिलर लेने से बचें, क्योंकि कुछ दवाओं के ज्यादा इस्तेमाल से भी सिरदर्द बारबार हो सकता है.
सिरदर्द होने पर कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर सिरदर्द बारबार हो रहा है, पहले से ज्यादा बढ़ गया है या रोज की जिंदगी प्रभावित कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें. अचानक बहुत तेज सिरदर्द शुरू हो, खासकर अगर यह जीवन का सबसे तेज सिरदर्द लगे, तो तुरंत मेडिकल मदद लें.
सिरदर्द के साथ बोलने में परेशानी, बेहोशी, भ्रम, कमजोरी, सुन्नपन, देखने में दिक्कत या चलने में परेशानी हो, तो इसे गंभीरता से लें. सिर पर चोट लगने के बाद सिरदर्द हो या तेज बुखार और गर्दन में अकड़न के साथ दर्द हो, तब भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.



