Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में अवैध पटाखा निर्माण का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. बड़ी मात्रा में पटाखों और विस्फोटक सामग्री के अवैध निर्माण व भंडारण की गतिविधियां न केवल नियमों की अनदेखी हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं. खासकर ऐसे समय में जब सहारनपुर में पहले भी पटाखा फैक्ट्रियों में बड़े हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है.

अवैध पटाखा निर्माण के मामलों में सबसे बड़ा खतरा आग लगने या विस्फोट होने का रहता है. बारूद और अन्य ज्वलनशील सामग्री को निर्धारित सुरक्षा मानकों के बिना रखने पर छोटी सी चिंगारी भी बड़े हादसे में बदल सकती है. यदि ऐसी गतिविधियां आबादी के बीच या रिहायशी इलाकों के आसपास चल रही हों तो स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. हादसे की स्थिति में जानमाल के नुकसान के साथ आसपास के घर और संपत्तियां भी प्रभावित हो सकती हैं.
पुराने हादसों से नहीं लिया सबक?
सहारनपुर में पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए. ऐसे हादसों के बाद अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की ओर से सख्ती की जाती रही है. इसके बावजूद चोरीछिपे पटाखों का निर्माण या विस्फोटक सामग्री का भंडारण सामने आना चिंता का विषय है.
अवैध कारोबार में शामिल लोग अक्सर नियमों को दरकिनार कर पटाखे तैयार करते हैं. ऐसे स्थानों पर आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के साधन नहीं होने का खतरा रहता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे किसी भी दुर्घटना के गंभीर रूप लेने की आशंका बढ़ जाती है.
पुलिस चलाएगी लगातार अभियान
पुलिस का कहना है कि अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के निर्माण तथा भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. संदिग्ध स्थानों पर निगरानी और सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है, जो नियमों को ताक पर रखकर लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं.
पुलिस ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास अवैध रूप से पटाखे बनते या बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखे जाने की जानकारी मिलती है तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दे. फिलहाल अवैध पटाखा निर्माण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसे ठिकानों की पहचान कर उन पर प्रभावी कार्रवाई करना है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले खतरे को टाला जा सके.



