Peacock Habitat Makdooma Hill Prayagraj: प्रयागराज के ऐतिहासिक मकदूमा पहाड़ी को बचाने की मांग को लेकर बारा क्षेत्र में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों ने पहाड़ी संरक्षण के समर्थन में पदयात्रा निकाली और खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग उठाई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि लगातार हो रहे खनन से पहाड़ी का अस्तित्व, जैव विविधता और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास खतरे में पड़ गया है।

पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ेगा गंभीर असर
ग्राम पंचायत असवा स्थित मकदूमा पहाड़ी पर आयोजित धरनाप्रदर्शन में भाकियू प्रयागराज के जिलाध्यक्ष ऋषि पांडेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह पहाड़ी राष्ट्रीय पक्षी मोर समेत कई वन्य जीवों का सुरक्षित आश्रय और प्रजनन स्थल रही है। यदि इसका प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हुआ तो पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर असर पड़ेगा।
पहाड़ी संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया
धरना स्थल पर किसी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। विरोध स्वरूप किसानों ने पहाड़ी की चोटी पर ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगान गाया और पहाड़ी संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इसके बाद से रिसवां तिराहे तक करीब सात किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली गई।
आंदोलनकारियों ने मांग की कि पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसे संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को बचा पाना मुश्किल होगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के नेता राजू पासी ने भी पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।


