Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से कहा कि देश में सिविल डिफेंस के लिए लोगों की एक बड़ी और मजबूत टीम बनाई जाएगी. इसका काम मुश्किल समय में आम लोगों की मदद करना और उनकी सुरक्षा करना होगा.

आज के समय में देश के सामने कई तरह की नई चुनौतियां हैं. इनसे निपटने के लिए भारत को पहले से तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक बड़ा Civil Defence Volunteer Network बनाया जाएगा.इस टीम में आम लोग भी शामिल हो सकेंगे. उन्हें नए और आसान तरीकों से ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि किसी बड़े संकट के समय वे लोगों की मदद कर सकें.

Civil Defence क्या होता है?

का आसान मतलब है मुश्किल समय में आम लोगों की सुरक्षा करना. जैसे युद्ध, बड़ा हमला या कोई दूसरी बड़ी आपदा आने पर लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना, उनकी मदद करना और नुकसान को कम करना.भारत में Civil Defence से जुड़े नियम 1968 में बनाए गए थे. इनके तहत केंद्र और राज्य सरकारें संकट से पहले, संकट के दौरान और उसके बाद लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकती हैं.

PM Modi का नया ऐलान इसी व्यवस्था को और मजबूत करने से जुड़ा है. इसका मकसद है कि देश किसी भी बड़े संकट के लिए पहले से तैयार रहे और जरूरत पड़ने पर लोगों की मदद जल्दी की जा सके.

रक्षा के मामले में भी आत्मनिर्भर बनना चाहता है भारत

ने अपने भाषण में रक्षा के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि भारत को दूसरे देशों से रक्षा सामान खरीदने वाला सिर्फ एक बाजार नहीं रहना चाहिए. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। भारत को खुद रक्षा उपकरण बनाने चाहिए और उन्हें दूसरे देशों को भी बेचने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने खास तौर पर हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने की बात कही.

देश में बढ़ रहा है डिफेंस प्रोडक्शन

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 202526 में भारत ने 1.78 लाख करोड़ रुपये का रक्षा सामान बनाया. साल 2014 में यह आंकड़ा करीब 46,000 करोड़ रुपये था. भारत ने वित्त वर्ष 202526 में दूसरे देशों को 38,424 करोड़ रुपये का रक्षा सामान भी बेचा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पिछले एक साल में 8.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सैन्य परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इन परियोजनाओं का मकसद सेना को नए हथियार, वाहन और दूसरी आधुनिक सुविधाएं देना है, ताकि देश की सुरक्षा और मजबूत हो सके.