लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान के तौर पर दो खराब सत्र के बाद ऋषभ पंत की वेतन में 12 करोड़ रुपये की भारी कटौती के साथ दिल्ली कैपिटल्स की टीम में वापसी हो रही है।
दिल्ली कैपिटल्स के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव के साथ हुई एक ‘हाईप्रोफाइल ट्रेड ’ में पंत 15 करोड़ रुपये में अपनी पुरानी फ्रेंजाइजी में वापस आ गए हैं।

एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले हुई बड़ी नीलामी में उन्हें 27 करोड़ रुपये की भारीभरकम रकम में खरीदा था, जो लीग के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रकम थी।
लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने उस समय पंत के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने की बात कही थी। लगातार दो कमजोर सत्र के बाद फ्रेंचाइजी प्रबंधन ने जस्टिन लैंगर और टॉम मूडी की मौजूदगी वाली ऑस्ट्रेलियाई कोचिंग टीम की सलाह पर पंत को रिलीज करने का फैसला किया।
उम्मीद के मुताबिक हुए इस ट्रेड में बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा फीस पर दिल्ली कैपिटल्स से लखनऊ सुपर जायंट्स में चले गए।
पंत के लिए यह ट्रेड घर वापसी जैसी है। उन्होंने 2016 से 2024 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के लिए 111 मैच खेले थे। नीलामी में जाने से पहले तक वह इसी टीम का हिस्सा थे।
वह 2021 से 2024 तक टीम के कप्तान भी रहे और इस दौरान 43 मैचों में दिल्ली का नेतृत्व किया।
लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ उनका प्रदर्शन कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। आईपीएल 2025 में टीम छह जीत और आठ हार के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही। वहीं आईपीएल 2026 का प्रदर्शन और भी खराब रहा।
पंत की कप्तानी में लखनऊ की टीम 10 टीमों की लीग में सबसे निचले स्थान पर रही। टीम को 14 मैचों में सिर्फ चार जीत मिलीं और वह आठ अंकों के साथ तालिका में आखिरी स्थान पर रही।
बल्लेबाजी में भी पंत संघर्ष करते नजर आए। 2025 सत्र में उन्होंने 14 मैचों में केवल 269 रन बनाए, जबकि 2026 में 312 रन जुटाए जिसमें सिर्फ एक अर्धशतक शामिल था।
दूसरी ओर, कुलदीप यादव ने आईपीएल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स से दिल्ली कैपिटल्स में आने के बाद 65 मैचों में 72 विकेट लिए थे। लेकिन आईपीएल 2026 उनके लिए भी साधारण रहा।
कुलदीन ने इस सत्र में 14 मैचों में केवल 10 विकेट ही लिये और उनका इकॉनमी रेट 10.30 रन प्रति ओवर रहा।



