भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसी बीच लार्सन एंड टुब्रो को AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी ने बताया कि उसे करीब ₹10,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ का ऑर्डर मिला है. इस प्रोजेक्ट के तहत चेन्नई में भारत की सबसे बड़ी सिंगलक्लस्टर AI इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी तैयार की जाएगी.

इस AI फैक्ट्री में 10,000 NVIDIA B300 GPUs लगाए जाएंगे. यह प्रोजेक्ट अमेरिकी AI क्लाउड कंपनी Together AI के लिए तैयार किया जाएगा. इसका इस्तेमाल बड़े स्तर पर AI मॉडल की ट्रेनिंग, डेटा प्रोसेसिंग, इंफरेंस और फाइनट्यूनिंग जैसे कामों के लिए होगा. L&T के लिए यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि कंपनी पहली बार बड़े स्तर पर AI Factory बिजनेस में प्रवेश कर रही है. कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है.
पहले चरण की कैपेसिटी 250 MW
इस प्रोजेक्ट को L&T की AI इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडियरी LTN कम्यूट विकसित करेगी. यह कंपनी Vyoma.AI का हिस्सा है. AI फैक्ट्री को चेन्नई में मौजूद Vyoma के डेटा सेंटर कैंपस में बनाया जाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चेन्नई का यह कैंपस आगे चलकर गीगावाटस्केल AI इंफ्रास्ट्रक्चर साइट बनने की योजना है. इसके पहले चरण की कैपेसिटी 250 MW रखी गई है, जबकि पावर इंफ्रास्ट्रक्चर 150 MVA के लिए तैयार किया जा रहा है. इससे भविष्य में AI फैक्ट्री की क्षमता को और बढ़ाया जा सकेगा.
AI ऑपरेशंस जैसी सुविधाएं
इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर में डेटा सेंटर के साथ हाईपरफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, फास्ट नेटवर्किंग, कम लेटेंसी वाले इंटरकनेक्ट, पैरेलल स्टोरेज और AI ऑपरेशंस जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. इसका मकसद कंपनियों को एक ही प्लेटफॉर्म से AI वर्कलोड शुरू करने और जरूरत के हिसाब से उसे बढ़ाने की सुविधा देना है.
AI अब लगभग हर इंडस्ट्री का अहम हिस्सा
L&T के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एसएन सुब्रह्मण्यन ने कहा कि AI अब लगभग हर इंडस्ट्री का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. उनके मुताबिक, यह AI फैक्ट्री भारत को अगली पीढ़ी के AI इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. Together AI के कोफाउंडर और CEO विपुल वेद प्रकाश ने भी L&T के साथ पार्टनरशिप को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि दुनिया में AI को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए बहुत बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी.



