SIT Preliminary Report Ram Mandir: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। चंदा चोरी मामले में SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट आई है। इस मामले में 3 सदस्यों वाली SIT ने UP के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी।

लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने दो अन्य सदस्यों के साथ मिलकर यह शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। SIT की जांच अभी भी चल रही है और सभी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।
एसआईटी ने सौंपी जांच रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच कर रही 3 सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट UP के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी संजय प्रसाद को सौंप दी है।
#WATCH | Uttar Pradesh: The 3member Special Investigation Team , probing the alleged Ram Temple donation embezzlment case, submits its preliminary report to Sanjay Prasad, UP Additional Chief Secretary . pic.twitter.com/xixuOAhhor
— ANI June 23, 2026
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी टीम ने अपनी रिपोर्ट में FIR दर्ज करने को कहा है और ट्रस्ट का पुनर्गठन करने की सिफारिश की है। टीम ने सुझाव दियाहै कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का सीईओ नियुक्त किया जाए। सरकार ने साफ कह दिया है कि जांच अभी जारी है। इसका मतलब चंदा में हेराफेरी मामले में अंतिम रिपोर्ट अभी सामने आने की है।
तीन सदस्यीय SIT टीम का किया गठन
मुख्यमंत्री के निर्देशों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर, इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई थी। लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुवाई में, SIT ने अयोध्या में छह दिनों तक बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान, SIT ने पांच दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ की, जिनमें मंदिर प्रशासन के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, ट्रस्ट से जुड़े लोग और दूसरे संबंधित व्यक्ति शामिल थे। टीम ने चढ़ावे की गिनती और रखरखाव, सुरक्षा इंतज़ामों और कथित गड़बड़ियों से जुड़े अलगअलग पहलुओं की जांच की।
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फंड में गड़बड़ी के लगे थे आरोप
गौरतलब है कि अयोध्या में में चढ़ावे के तौर पर मिले फंड में गड़बड़ी और हेराफेरी के आरोपों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था। मामले की गंभीरता और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए, राज्य सरकार ने तीन सदस्यों वाली SIT का गठन किया।
SIT में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। जांच टीम को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, तथ्यों को सामने लाने और जरूरी कार्रवाई के बारे में सरकार को रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।



