Disha Patani Fitness Routine: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के फिटनेस की दीवानी तो हर कोई है। दिशा अपनी फिटनेस और एथलेटिक फिजीक के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। उनके जैसी फिजिक हर किसी की तमन्ना होती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उनकी फिटनेस रूटीन में सिर्फ जिम एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि वेट ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट्स और जिम्नास्टिक जैसी एक्टिविटीज भी शामिल हैं।

दिशा पाटनी का फिटनेस रूटीन उन लोगों के लिए खास तौर पर दिलचस्प है, जो स्लिम दिखने के साथ शरीर को मजबूत और एक्टिव रखना चाहते हैं। उनके वर्कआउट में अलगअलग तरह की फिजिकल एक्टिविटी का कॉम्बिनेशन होता है, जो उन्हें फिजिकली फिट और स्लिम रखता है।
वेट ट्रेनिंग पर भी देती हैं ध्यान
दिशा की फिटनेस का एक अहम हिस्सा वेट ट्रेनिंग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग है। उनके रूटीन में स्क्वैट्स जैसी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज शामिल हैं। वेट ट्रेनिंग शरीर की ताकत और मसल्स को मजबूत बनाने में मदद करती है यानी फिट रहने के लिए सिर्फ ट्रेडमिल या दूसरे कार्डियो वर्कआउट पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी फिटनेस रूटीन का हिस्सा होना चाहिए।
जिम्नास्टिक से बॉडी को बनाती हैं फ्लेक्सिबल
दिशा के वर्कआउट में जिमनास्टिक भी शामिल है। जिम्नास्टिक जैसी एक्टिविटीज शरीर के बैलेंस, कोऑर्डिनेशन और मोबिलिटी पर काम करती हैं। ऐसी ट्रेनिंग के लिए सही तकनीक और प्रशिक्षित कोच की निगरानी जरूरी होती है, खासकर अगर कोई व्यक्ति शुरुआत कर रहा हो।
किक बॉक्सिंग और कुंगफू भी रूटीन का हिस्सा
किक बॉक्सिंग और कुंगफू जैसी मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग भी करती हैं। ये एक्टिविटीज शरीर की फुर्ती और कोऑर्डिनेशन पर काम करने के साथ एक इंटेंस वर्कआउट भी दे सकती हैं। इस तरह उनका फिटनेस रूटीन एक ही तरह की एक्सरसाइज तक सीमित नहीं है, बल्कि स्ट्रेंथ, एथलेटिक मूवमेंट और मार्शल आर्ट्स का मिश्रण है।
सिर्फ स्लिम बॉडी नहीं, स्ट्रॉन्ग बॉडी पर फोकस
दिशा की फिटनेस से पता चलता है कि फिटनेस का मतलब केवल वजन कम करना या पतला दिखना नहीं है। स्ट्रेंथ, मोबिलिटी, बैलेंस और स्टैमिना भी के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। हालांकि, किसी सेलिब्रिटी का पूरा वर्कआउट रूटीन हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं कि सही हो। अपनी उम्र, फिटनेस लेवल और शरीर की क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज चुनना बेहतर है।
कैसे करें शुरुआत
दिशा पाटनी के रूटीन से यह समझा जा सकता है कि फिटनेस में वेट ट्रेनिंग + कार्डियो या एथलेटिक एक्टिविटी + मोबिलिटी का संतुलन उपयोगी हो सकता है। शुरुआत करने वाले लोग पहले बेसिक स्ट्रेंथ एक्सरसाइज और नियमित फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान दें और धीरेधीरे कठिन वर्कआउट बढ़ाएं।



