Mysore Suicide Case: कर्नाटक के मैसूर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. जहां एक घर में शादी की शहनाइयां गूंजने वाली थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है. मैसूर जिले के टी. नरसिपुरा तालुक के केम्पय्यानहुंडी गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों ने गांव के ही एक युवक के उत्पीड़न से तंग आकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली. मृतकों में होने वाली दुल्हन और उसके मातापिता शामिल हैं.

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, केम्पय्यानहुंडी गांव के रहने वाले शिवन्ना, उनकी पत्नी नागरत्न और बेटी रक्षिता की इस दुखद घटना में मौत हो गई है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक होता, तो 24 जून को रक्षिता की शादी होने वाली थी. घर में शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और रिश्तेदार भी जुटने लगे थे. लेकिन शादी से ठीक पहले आए इस तूफान ने पूरे हंसतेखेलते परिवार को ही खत्म कर दिया.

आरोपी उल्लास गौड़ा ने मंगेतर को भेजी थीं तस्वीरें

परिजनों और पुलिस के मुताबिक, रक्षिता को उसी के गांव का रहने वाला उल्लास गौड़ा नाम का युवक लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. आरोप है कि उल्लास गौड़ा ने रक्षिता द्वारा भेजे गए कुछ संदेश और तस्वीरें अपने पास रख ली थीं और उन्हीं के दम पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था. क्रूरता की हद पार करते हुए आरोपी उल्लास गौड़ा ने वे तस्वीरें उस लड़के को भी भेज दीं, जिससे रक्षिता की सगाई हुई थी. इतना ही नहीं, उसने रक्षिता को धमकी दी थी कि वह किसी भी कीमत पर यह शादी नहीं होने देगा. समाज में बदनामी और अपनी प्रतिष्ठा पर आंच आने के डर से डरेसहमे परिवार ने अंततः घर पर ही जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.

सुसाइड नोट में खोला राज, दादी ने बयां किया दर्द

घटनास्थल पर पहुंची वरुणा थाना पुलिस को रक्षिता का लिखा एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने साफ तौर पर अपनी और अपने मातापिता की मौत के लिए उल्लास गौड़ा को जिम्मेदार ठहराया है. रक्षिता की रोतीबिलखती दादी चिन्नम्मा ने बताया कि रक्षिता की शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन उल्लास गौड़ा ने शादी रोकने की धमकी दी थी. वह मेरे बेटे का परिचित था, जो पहले ट्रैक्टर चलाता था और अक्सर उनके साथ रहता था. उसका हमारे घर आनाजाना था. मेरे बेटा, बहू और पोती की मौत के जिम्मेदार उल्लास गौड़ा को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

शव ले जा रही एम्बुलेंस को ग्रामीणों ने घेरा, भारी तनाव

घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा. आरोपी उल्लास गौड़ा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीण अड़ गए और उन्होंने पुलिस को शव ले जाने से रोक दिया. इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई और लोगों ने शवों को ले जा रही एम्बुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी सी. टी. कुमार भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. फिलहाल, वरुणा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है.