दही की तासीर क्या आप जानते हैं कि दही की तासीर गर्म होती है. इसके बावजूद मानसून के दौरान सर्दीखांसी न हो जाए इसलिए लोग इसे खाने से बचते हैं. क्या ये मिथक है या फिर सच.. चलिए आपको एक्सपर्ट के जरिए बताते हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट डॉक्टर आशीष मेहरोत्रा ने बताया ये धारणा गलत है कि मानसून में दही खाने से हर किसी को सर्दीखांसी हो जाती है. आप इसे रूम टेंपरेचर पर करके खा सकते हैं.
दही के तत्व एक्सपर्ट बताते हैं कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र और इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में मदद करते हैं. जिन लोगों का पाचन ठीक नहीं रहता है उन्हें रोजाना ठीक मात्रा में दही को जरूर खाना चाहिए.
इस तरह खाने से होगी दिक्कत हालांकि, बारिश के मौसम में अगर दही बहुत ठंडी, लंबे समय तक फ्रिज में रखी हुई या बासी हो, तो कुछ लोगों को गले में असहजता या कफ बढ़ने जैसा महसूस हो सकता है, खासकर जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो या जिन्हें पहले से साइनस, एलर्जी या बारबार जुकाम की समस्या रहती हो. इसलिए मानसून में ताजा दही, सामान्य तापमान पर और सीमित मात्रा में खाना बेहतर रहता है.
दही को ऐसे खाना है बेस्ट दही में भुना जीरा, काली मिर्च या सेंधा नमक मिलाकर खाने से यह पाचन के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति को दही खाने के बाद बारबार सर्दी, कफ या गले की परेशानी होती है, तो उसे अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए.



