पूर्व सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने यौन शोषण मामले में बरी होने के बाद गुरुवार को गोंडा में शक्ति प्रदर्शन किया और सत्यमेव जयते रैली निकाली. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मैं झुक जाता तो मसला जाता, फिर मेरे इस किरदार का कत्ल हो जाता. पहले दिन मैंने कहा था कि एक भी प्रकरण सत्य पाया गया तो मैं स्वतः फांसी पर चढ़ जाऊंगा.

उन्होंने कहा कि लांछन केवल गुड टच और बैड टच का है, मैंने किसी की साड़ी नहीं खींची, लेकिन उसी को इतना बड़ा बनाते बनाते कह दिया कि मेडल पहनातेपहनाते मैंने गलत तरीके से छू दिया. दुनिया में यौन शोषण के मुद्दे पर इतना बड़ा आंदोलन कहीं नहीं हुआ.

ने कहा कि ये आरोप मेरे ऊपर क्यों लगा? आज जिले स्तर पर गैंग मौजूद हैं. कितना पैसा खर्चा करेंगे, उसके हिसाब से केस बनाने को मौजूद हैं.

उन्होंने कहा कि तमाम लोगों का जीवन खत्म हो गया, मुझे उनके लिये मुझे संबल का काम करना है. शायद इसलिए मेरे ऊपर ये केस लगा. कोई कह रहा था विवाद से मेरा नाता है सत्य है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। किसी सोते को गफलत से जगा देना बगावत है, किसी कमजोर की ताकत बनना बगावत है, अगर सच्चाइयों का गीत गाना बगावत है तो हम भी बागी हैं.”

मंथरा और कैकई से की महिला पहलवानों की तुलना

उन्होंने कहा कि मेरा जीवन किसी का दिया हुआ है तो अयोध्या के संतों का दिया हुआ है. आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों की तुलना मंथरा और कैकेयी से करते हुए कैकेयी और मंथरा का किस्सा सुनाया, जीवन भर का लांछन अपने ऊपर ले लिया, क्योंकि वो राम को केवल अयोध्या के राजा के रूप में नहीं देखना चाहती थी.

उन्होंने कहा कि एकलव्य का अंगूठा द्रोणाचार्य ने अपने ऊपर लांछन लेकर एकलव्य को अमर कर दिया. ये देवी जी लोगों ने मेरे ऊपर लांछन लगाकर के मुझे अमर कर दिया. बड़ी कृपा है इनकी. पहले दस बीस जिला के लोग जानते थे, जब से ये फैसला आया है पूरी दुनिया में मेरी चर्चा हो रही है. सुप्रीम कोर्ट में मेरी चर्चा, जजों के बीच मेरी चर्चा.

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मेरा यह केस संबल बनेगा कमजोर लोगों का जो हथियार के रूप में प्रयोग किया जाता है. इस कानून की समीक्षा होनी चाहिए. अयोध्या के महंत राजकुमार दास ने भी मांग रखी है. किसी से कोई शिकायत नहीं है, किसी को कुछ कहना नहीं है.

मैंने कभी अपने आप को अपराधी नहीं माना

उन्होंने कहा कि मैंने कभी अपने आप को अपराधी नहीं माना 127 तारीख, चार जजों के सामने सुनवाई. मैंने कभी सुनवाई में अनुपस्थित नहीं हुआ. हमेशा गया. कोई कह रहा था कि लोग अब हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.जरूर जाएं उनका अधिकार है. जब तक मामला हाई कोर्ट में चलेगा तब फिर से मैं चर्चा में रहूंगा. आप हाई कोर्ट जाइए आपका स्वागत है. आप मेरा ही काम कर रहे हैं. आप नहीं चाहते कि मेरी चर्चा समाप्त हो.

उन्होंने कहा कि देश में इतना बड़ा षड्यंत्र भी कभी नहीं हुआ और इतना बड़ा समर्थन भी किसी को नहीं मिला. US और कनाडा में पोस्टर लगे, 42 राजनीतिक दलों के लोग लगे थे. ये विपक्ष की पार्टियों पर जानता का विश्वास नहीं है. 105 सालों में विपक्षियों ने कोई बड़ा आंदोलन शुरू नहीं किया.

विपक्ष और कॉकरोज के आंदोलन पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि कभी महिलाओं, कभी किसानों और इतने गिर गए कि काकरोच पार्टी के पीछे खड़े हो कर के बीजेपी पर वार करते है. बच्चों के पीछे खड़े हो कर के वार करते हैं. मैदान में सामने आओ और लड़ो. शिखंडी की तरह छुपकर के बृजभूषण पर वार मत करो. चंदा चोरी के मुद्दे पर भी छुपकर बोलने का आरोप लगाया.उन्होंने कहा कि जब तक इन देवियों की कृपा नहीं थी तो भीड़ कम लगती थी. इन देवी जी की कृपा के बाद भीड़ बहुत बढ़ गई.