Stinkiest Food Hing: भारतीय रसोई में हींग या Asafoetida का इस्तेमाल न केवल खाने में बल्कि कई प्रकार के सेहत संबंधी उपचार के लिए भी किया जाता रहा है। हींग का उपयोग दाल, सब्जी और कई पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि इसकी तेज गंध हमेशा से लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है।

अब एक बार फिर का स्वाद बढ़ाने वाला हींग सुर्खियों में है, क्योंकि मशहूर फूड गाइड टेस्ट एटलस ने इसे ‘The World’s Stinkiest Foods’ यानी दुनिया के सबसे बदबूदार खाद्य पदार्थों की सूची में शामिल किया है।
टेस्ट एटलस ने अपनी सूची में हींग को ‘Pungent Raisin Spice’ यानी तीखी गंध वाले मसाले के रूप में बताया है। हालांकि, इस सूची में हींग को कोई रेटिंग नहीं दी गई है।
क्यों बनाई गई ऐसी लिस्ट?
टेस्ट एटलस ने इंस्टाग्राम में किए पोस्ट में लिखा है कि तेज गंध वाले कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ लोगों को चौंकाने के लिए नहीं बनाए गए थे। ये सदियों पहले भोजन को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए थे। पोस्ट में कहा गया कि रेफ्रिजरेशन के दौर से पहले लोग भोजन को सुरक्षित रखने के लिए फर्मेंटेशन, नमक और अन्य पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते थे। इसी वजह से दुनिया के अलगअलग हिस्सों में ऐसे कई खाद्य पदार्थ विकसित हुए, जिनकी गंध काफी तेज होती है।
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इंटरनेट पर बंटी लोगों की राय
जैसे ही TasteAtlas की यह सूची सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, इस पर बहस छिड़ गई। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अलगअलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई भारतीयों ने हींग को भारतीय भोजन का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इसकी खुशबू खाना बनने के बाद पूरी तरह बदल जाती है और यही मसाला दाल व सब्जियों का स्वाद बढ़ाता है।
वहीं कुछ विदेशी यूजर्स ने हींग की कच्ची गंध को काफी तीखा बताया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में पूछा, Asafoetida? Seriously?, जबकि कुछ ने कहा कि इसकी महक भले ही तेज हो, लेकिन पकने के बाद इसका स्वाद शानदार होता है।
भारतीय रसोई में हींग का महत्व
हींग का इस्तेमाल , खासकर दाल, कढ़ी, सांभर, कचोरी और कई सब्जियों में तड़का लगाने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में भी हींग को पाचन के लिए लाभकारी माना गया है। इसकी थोड़ीसी मात्रा ही खाने का स्वाद और सुगंध बदल देती है।



