भारत और श्रीलंका के बीच आगामी 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ की शुरुआत होने जा रही है। शुभमन गिल की अगुवाई में एक नई और युवा भारतीय टीम इस सीरीज़ में अपनी छाप छोड़ने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि, इस महत्वपूर्ण सीरीज़ से ठीक पहले भारत के पूर्व उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम की वर्तमान स्थिति और इसके भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई है।
 

सीरीज़ से पहले, भारत के पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम की स्थिति के बारे में बात की। अनुभवी बल्लेबाज़ ने बताया कि पूरी भारतीय टेस्ट टीम काफी नई है और इसमें अनुभवहीन खिलाड़ी ज़्यादा हैं, जबकि सीनियर खिलाड़ी बहुत कम या बिल्कुल नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारत में टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की चिंता है, क्योंकि अगर टीम अच्छा प्रदर्शन करना चाहती है, तो सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान किया जाना चाहिए और उन्हें सबसे लंबे फ़ॉर्मेट में मौका दिया जाना चाहिए।
रहाणे ने ‘द ओवरलैप क्रिकेट’ यूट्यूब चैनल पर कहा, “टेस्ट क्रिकेट के प्रशंसक सच्चे क्रिकेट प्रेमी होते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पिछले दो सालों में टेस्ट में नए खिलाड़ी आए हैं। मुझे अभी भी लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को सात से आठ सीनियर क्रिकेटरों और दो से तीन युवा खिलाड़ियों की ज़रूरत है। लेकिन अभी हम जो देख रहे हैं, वह यह है कि सभी खिलाड़ी असल में नए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “शायद ही कोई सीनियर खिलाड़ी बचा हो। टेस्ट क्रिकेट को उनकी ज़रूरत है। आपको सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करना होगा। मुझे टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की चिंता है। खासकर भारतीय टीम के लिए; सभी सीनियर खिलाड़ियों का एक साथ चले जाना एक समस्या रही है।”
 

श्रीलंका के खिलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करने का भारत का लक्ष्य
भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ की बात करें तो दोनों टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की उम्मीद करेंगी। भारतीय टीम WTC फ़ाइनल में पहुंचने और श्रीलंका के खिलाफ़ जीत के साथ उस मुक़ाबले की ओर बढ़ने की उम्मीद कर रही है।
गौरतलब है कि अगर शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम WTC फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करना चाहती है, तो उसे अपने अगले नौ टेस्ट मैचों में से छह जीतने होंगे, और यह टीम के लिए एक मुश्किल काम साबित हो सकता है।
 
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