Noida Airport Elevated Expressway: दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए बेहद राहत भरी खबर है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक तेज, सुगम और बिना किसी जाम के पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का रोडमैप पूरी तरह तैयार कर लिया गया है. लगभग 50 किलोमीटर लंबे और 8लेन वाले नए एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का रूट बुधवार को फाइनल कर प्राधिकरण को भेज दिया गया है.

4,000 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले इस महत्वाकांक्षी एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होकर सीधे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक यात्रियों को बिना किसी रुकावट के पहुंचाएगा. इसके साथ ही क्षेत्र में मेट्रो के दो नए एक्सटेंशन रूटों पर भी काम शुरू होने जा रहा है, जिससे नोएडा एयरपोर्ट को बेहतरीन ‘मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी’ मिलेगी.

यह नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से यमुना पुश्ते के समानांतर और यमुना नदी व यमुना एक्सप्रेसवे के मध्य क्षेत्र से होकर गुजरेगा.

1. क्षेत्रवार दायरा और रूट का बंटवारा

नोएडा क्षेत्र : कुल 50 किमी मार्ग में से 27 किमी हिस्सा नोएडा प्राधिकरण के सीमा क्षेत्र में निर्मित होगा. यह नोएडा के सेक्टर94 से शुरू होकर सेक्टर150 और मंझावली पुल क्षेत्र को कवर करेगा.

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र : शेष 23 किमी का मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में बनेगा. यह यमुना सिटी के सेक्टर23एच और 23सी तक जाएगा.

यमुना नदी पर नया एलिवेटेड स्ट्रक्चर: यमुना नदी को पार करने के लिए लगभग 120 मीटर लंबा नया पुल और विशेष एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा.

2. एलिवेटेड रोड का विस्तृत मार्ग

शुरुआती बिंदु: दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर के पास Dस्ट्रक्चर से शुरुआत.

कालिंदी कुंज से हिंडन पार: कालिंदी कुंज के पास से पुश्ते के समानांतर आगे बढ़ते हुए यह हिंडन नदी को पार करेगा और ग्रेटर नोएडा में Y4 संरचना के सामने पहुंचेगा.

ग्रेटर नोएडा के प्रमुख सेक्टर: इसके बाद यह मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे और यमुना नदी के बीच स्थित घरबरा, मुरादपुर, सेक्टर27, सेक्टर26, सेक्टर24 और 24A से होकर गुजरेगा.

अंतिम जुड़ाव: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर27 के आगे जगनपुर से बाएं मुड़कर इसे मंझावली पुल की सड़क से जोड़ा जाएगा. इसके बाद यह सेक्टर23सी और 23एच के बीच फरीदाबादजेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर उतरेगा, जो सीधे एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करता है.

3. ट्रैफिक सुगमता के लिए इंटरचेंज और लूप

एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही को बिना बाधा के संचालित करने के लिए 4 बड़े इंटरचेंज और लूप का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा, डीएससी रोड पर बने भगेल एलिवेटेड रोड पर चढ़नेउतरने के लिए भी 4 नए लूप बनाए जा रहे हैं, जिसके लिए एजेंसी तय कर ली गई है.

दो चरणों में होगा निर्माण कार्य

प्रथम चरण : पहले चरण में निर्माण कार्य नोएडा के सेक्टर94 से शुरू होकर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र तक किया जाएगा.

द्वितीय चरण : दूसरे चरण में दिल्ली के अक्षरधाम से लेकर नोएडा सेक्टर94 तक के हिस्से का निर्माण होगा. इस हिस्से में ओखला पक्षी विहार और पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों के कारण NHAI एनओसी और तकनीकी अनुमतियां प्राप्त करेगा. दूसरे चरण की डीपीआर अलग से तैयार होगी.

प्रकल्प के लिए राजमार्ग प्राधिकरण ने जिला प्रशासन और प्राधिकरण के अफसरों से 26 गांवों के राजस्व नक्शे मांगे हैं. रूट तय होने के बाद अब विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सॉइल टेस्टिंग का काम शुरू किया जा रहा है.

किनकिन राज्यों और इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ?

दिल्ली के यात्री: मयूर विहार, अक्षरधाम, पटपड़गंज, कालिंदी कुंज, सरिता विहार और आउटर दिल्ली के लोग बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे.

हरियाणा के यात्री: फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल से आने वाले वाहन मंझावली पुल के जरिए सीधे इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे. इससे फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट की दूरी और समय में भारी कमी आएगी.

उत्तर प्रदेश के यात्री: गाजियाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासी बिना जाम में फंसे कुछ ही मिनटों में जेवर एयरपोर्ट पहुंचेंगे.

मेट्रो का भी बड़ा विस्तार

सड़क के साथसाथ जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो कनेक्टिविटी से लैस करने के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. एक्वा लाइन का विस्तार करते हुए दो नए रूटों पर काम शुरू होगा. सेक्टर142 से बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी. सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए लार्सन एंड टुब्रो का चयन कर लिया गया है. इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1,200 करोड़ का खर्च आएगा. बॉटनिकल गार्डन , सेक्टर44, नोएडा ऑफिस सेक्टर96, सेक्टर97, सेक्टर105, सेक्टर108, सेक्टर93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज. यूपी कैबिनेट और केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अगले 34 महीनों में धरातल पर काम शुरू हो जाएगा, जिसे 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य है.

अधिकारियों ने क्या बताया?

प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह 8लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे और मेट्रो विस्तार योजनाएं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आने वाली विशाल यात्री क्षमता को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं. डीपीआर को अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर चरणबद्ध तरीके से निर्माण शुरू कर दिया जाएगा. सड़क और मेट्रो, दोनों ढांचों के तैयार होने के बाद NCR के निवासियों को विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी हासिल होगी.