बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं. इन्हीं बदलावों में मसल्स की ताकत भी धीरेधीरे कम होने लगती है. कई लोग इसे उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मसल्स सिर्फ शरीर को ताकत ही नहीं देतीं, बल्कि चलनेफिरने और रोजमर्रा के कई काम आसानी से करने में भी मदद करती हैं. इसलिए उम्र बढ़ने के साथ मसल्स की सेहत पर ध्यान देना जरूरी होता है.

अच्छी की सेहत शरीर को लंबे समय तक एक्टिव और संतुलित बनाए रखने में मदद करती है. इसलिए मसल्स का ख्याल सिर्फ बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि 30 से 40 साल की उम्र के बाद से हर व्यक्ति को रखना शुरू कर देना चाहिए. समय रहते इस पर ध्यान देने से लंबे समय तक शरीर की ताकत बनाए रखने में मदद मिल सकती है. आइए जानते हैं उम्र बढ़ने के साथ मसल्स का ख्याल न रखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं, मसल्स कमजोर होने के कौन से संकेत नजर आते हैं और इन्हें मजबूत रखने के लिए क्या करें.
उम्र बढ़ने के साथ मसल्स का ख्याल न रखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ अगर मसल्स का ख्याल न रखा जाए, तो मसल्स कमजोर होने लगती हैं और उनका आकार भी धीरेधीरे कम होने लगता है. इस स्थिति को सार्कोपीनिया कहा जाता है. इसकी वजह से चलनेफिरने, सीढ़ियां चढ़ने, कुर्सी से उठने या वजन उठाने जैसे रोजमर्रा के काम मुश्किल हो सकते हैं.
मसल्स कमजोर होने से संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे फ्रैक्चर जैसी गंभीर समस्या हो सकती है. लंबे समय तक शारीरिक एक्टिविटी कम रहने से हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए बढ़ती उम्र में मसल्स को मजबूत बनाए रखना शरीर की ताकत, संतुलन और लंबे समय तक एक्टिव रहने के लिए जरूरी माना जाता है.
मसल्स कमजोर होने के कौन से संकेत नजर आ सकते हैं?
अगर पहले की तुलना में शरीर में ज्यादा कमजोरी महसूस होने लगे, सीढ़ियां चढ़ने या भारी सामान उठाने में दिक्कत हो, चलने की रफ्तार धीमी हो जाए या कुर्सी से उठने में ज्यादा मेहनत लगे, तो ये मसल्स कमजोर होने के संकेत हो सकते हैं.
इसके अलावा, बारबार संतुलन बिगड़ना, गिर जाना या रोजमर्रा के छोटेछोटे काम करने में परेशानी होना भी इस ओर इशारा कर सकता है. ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना बेहतर होता है.
मसल्स को मजबूत रखने के लिए क्या करें?
मसल्स को मजबूत रखने के लिए उम्र और सेहत के अनुसार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या हल्की एक्सरसाइज करें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अपनी डाइट में प्रोटीन से भरपूर चीजें जैसे दालें, पनीर, दूध, दही, अंडे, मछली या सोया चंक्स शामिल करें. लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से बचें और शरीर को एक्टिव रखें.
अच्छी नींद लेना और संतुलित खानपान भी मसल्स की सेहत के लिए जरूरी है. अगर किसी बीमारी की वजह से एक्सरसाइज करने में दिक्कत हो, तो शुरुआत करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें.



