नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ ऑनलाइन पोस्ट को लेकर बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के खिलाफ की गई ऑनलाइन पोस्ट घिनौने, अश्लील, अपमानजनक और मानहानि करने वाले हैं। कोर्ट ने ऐसे सभी पोस्ट हटाने का आदेश दिया है। दरअसल,  ई20 फ्यूल को लेकर चल रहे विवाद के बीच कोर्ट ने यह टिप्पणी की है।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच ने गडकरी को अंतरिम राहत दी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मेटा, X कॉर्प और गूगल LLC को निर्देश दिया कि वे तुरंत इन पोस्ट को हटाने का इंतजाम करें। कोर्ट ने कहा, ‘ये पोस्ट देखने में ही अपमानजनक, घिनौने और अश्लील हैं।’

कोर्ट ने क्या पूछा?

बेंच ने मेटा, X कॉर्प और गूगल LLC जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से यह भी पूछा, ‘आपके पास इतनी टेक्नोलॉजी है, तो क्या आपके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है, जो ऐसे मामलों को तुरंत पकड़ सके? अगर कोई अश्लील या अपमानजनक चीज पोस्ट करता है, तो उसे तुरंत पकड़कर हटा दिया जाना चाहिए। यह बहुत ही घिनौनी बात है। कोई जहर उगल रहा है।’

कोर्ट ने कहा कि अगर भविष्य में ऐसी कोई पोस्ट अपलोड की जाती है, जिसमें डीपफेक या एआई से बना कंटेंट भी शामिल हो,तो मंत्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संपर्क कर सकते हैं। वे इस पर कार्रवाई करेंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट  ने गडकरी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर केस करने की इजाजत दी

क्या है पूरा मामला?
यह फैसला बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से गडकरी को मेटा, X कॉर्प , गूगल LLC और दूसरे प्लेटफॉर्म के खिलाफ सिविल केस करने की इजाजत देने के कुछ दिनों बाद आया है। यह केस सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाने वाली कथित मानहानि वाली पोस्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने डीपफेक कंटेंट को लेकर है।