Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मिलावटी मसालों के कारोबार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पनकी स्थित एक मसाला बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा मारा. जांच के दौरान अधिकारियों के सामने ऐसा मामला आया जिसने सभी को चौंका दिया. टीम का दावा है कि फैक्ट्री में चावल के टुकड़ों को पीसकर उनमें हल्दी जैसा रंग मिलाया जा रहा था और उसी मिश्रण को हल्दी पाउडर के रूप में तैयार किया जा रहा था. मौके से करीब 5.86 लाख रुपये का स्टॉक जब्त किया गया है, जबकि छह नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं.

यह कार्रवाई जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई. सहायक आयुक्त द्वितीय संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने इस्पात नगर, पनकी स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज में अचानक निरीक्षण किया. जांच के दौरान परिसर में हल्दी पाउडर तैयार होता मिला, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वहां साबुत हल्दी मौजूद नहीं थी. इसी आधार पर अधिकारियों को मिलावट की आशंका हुई. निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में चावल के टुकड़े, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी में मिलाया जाने वाला लिक्विड रंग और मिर्च को चमकीला दिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाला रंग भी मिला.

हल्दी के पाउडर में मिलावट

अधिकारियों ने इन सभी सामग्रियों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं. अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से यह साफ होगा कि मसालों में किस स्तर की मिलावट की गई थी और वे खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं. छापेमारी के दौरान विभाग ने 77 बैग चावल के टुकड़े, 42 बैग हल्दी पाउडर, 30 किलोग्राम पिसा धनिया, 30 किलोग्राम मिर्च पाउडर और 20 किलोग्राम संदिग्ध हल्दी मिश्रण जब्त किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब्त सामग्री का कुल मूल्य 5,86,200 रुपये बताया गया है. फिलहाल पूरे स्टॉक को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है.

खाद्य पदार्थों में मिलावट का खुलासा

सहायक आयुक्त द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा. यदि जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.