Jatamansi For Hair Growth: आयुर्वेद में कई तरह के जड़ी बूटियों का जिक्र है जिसमें जटामांसी का नाम भी आता है। आयुर्वेद में तो इसका खास स्थान है ही, भोलेनाथ को भी जटामांसी बेहद प्रिय है। जटामांसी हिमालय के क्षेत्रों में पाया जाने वाले एक बेहद ही फायदेमंद हर्ब है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई रोगों के उपचार में सदियों से किया जा रहा है।

आयुर्वेद में जटामांसी को बालों के लिए वरदान बताया गया है। जो बालों के लिए बहुत फायदेमंद है। ऐसे में आइए जानते हैं बालों के लिए जटामांसी के फायदे और इसे कैसे इस्तेमाल करें।

बालों के लिए वरदान जटामांसी

जटामांसी को बालों के लिए वरदान बताया गया है। इसके इस्तेमाल करने से कम हो जाता है। इससे जड़ों को मजबूत होती हैं और हेयर फॉल कम होने लगता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बालों को लंबा बनाने के लिए भी ये असरदार काम करती है। इसके अलावा, सफेद बालों को काला बनाने और नए बाल उगाने के लिए इसे बेहद कारगर माना जाता है।

जटामांसी का तेल कैसे बनाएं?

जटामांसी का इस्तेमाल आप तेल के रूप में भी कर सकते हैं।आप इसे नारियल, बादाम या तिल के तेल में गर्म करके इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहें तो जटामांसी की जड़ को तेल में गर्म करते तेल को छान लें और इसे किसी बोतल में भरकर रख लें। इस तेल से रात में मसाज करें और सुबह शैंपू कर लें।

 

जटामांसी हेयर मास्क

जटामांसी पाउडर से बालों के लिए भी बना सकते हैं। इसके लिए जटामांसी के पाउडर में थोड़ा दही, एलोवेरा जेल मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे बालों पर लगाकर आधा घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। बालों की जड़ों पर इसे अच्छी तरह से लगाना चाहिए। अब 30 मिनट बाद साफ पानी और माइल्ड शैंपू से बालों को अच्छी तरह से वॉश कर लें।

जटामांसी पोषक तत्वों से भरपूर

जटामांसी में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें एक्टिनिडीन, अरिस्टोलीन, कैरोटीन, कैरलीन, क्लैरेनॉल, कूमारिन, डायहाइड्रोएजुलीन कंपाउंड पाए जाते हैं। इसमें नर्डोल, नार्डोस्टाचोन, वेलेरियनॉल, वेलेरानल, वेलेरानोन, एलेमोल, विरोलिन, एंजेलिविन, ओरोसेलोल जैसे कंपाउंड भी मौजूद होते हैं, जिससे शरीर को मानसिक शक्ति के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।