उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब सुल्तानपुर नगर से भाजपा विधायक विनोद कुमार सिंह के खिलाफ एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए. महिला ने विधायक पर यौन शोषण, दुष्कर्म के प्रयास, छेड़छाड़ और धमकाने का आरोप लगाया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करते हुए दावा करती है कि उसे और उसकी बेटी को जान से मारने तथा एसिड अटैक की धमकियां मिल रही हैं.

हालांकि, अब तक इन आरोपों की पुलिस या किसी अन्य सक्षम प्राधिकरण द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच का अंतिम निष्कर्ष भी सार्वजनिक नहीं किया गया है. इसलिए फिलहाल इन्हें आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए. मामले में पुलिस जांच या आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी. महिला ने करीब 12 मिनट का वीडियो जारी किया है और पूरी तरह से आपबीती सुनाई है.

पीड़ित महिला वीडियो में कहती है कि विनोद सिंह विधायक जो भाजपा से हैं उन्होंने मेरे साथ रेप करने की कोशिश की और कई दिनों से पीछे पड़े थे वे कई बार फोन भी किया. धनंजय यादव जो उनके गनर हैं उनसे फोन करवाते थे और वे हमें धमकी देते थे. वे कहते थे कि अगर आप सर की बात नहीं मानेंगी तो आपकी बेटी और आपका का सामूहिक बलात्कार करवा देंगे तो और फिर 3 जून को एक दिन आया जब वे शराब की नशे में थे उस दिन वे मेरे पास आए और मेरे प्राइवेट पार्ट को छूने लगे और मेरा कपड़ा फाड़ने लगे और फिर मैंने उन्हें धक्का दे दिया और कहा कि ये सब आप क्यों कर रहे है आप मेरे पिता जैसे हैं तो उन्होंने कहा कि मैंने बहुत लोगों ठिकाने लगाया है इसके साथ महिला ने कथित रूप कहा कि पूर्व विधायक (सोनू-मोनू) को भी मैंने रास्ते से हटा दिया है तो तुम क्या हो.

महिला का दावा है कि DG PAC आलोक सिंह उनके जीजा हैं और सर्विलांस प्रभारी महराजगंज मृत्युंजय सिंह लगातार लोकेशन ट्रैक कर विधायक को जानकारी दे रहे हैं. विक्रम सिंह थाना प्रभारी हसरंत गंज को उनसे मैंने कई बार शिकायत की लेकिन उन्होंने मेरी न सुनी और फिर उन्होंने मेरे पति और बेटी को मारने के लिए आदमी लगा दिया. महिला आगे कहती है कि मैं 4 तारीक से दिल्ली में हूं और मैं हर जगह गई लेकिन मेरी किसी न सुनी मैं महिला आयोग में भी गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ.

महिला ने आगे कहा कि जब मैं महिला आयोग गई तो उन्होंने मेरे खिलाफ 420 का आरोप लगा दिया और लखनऊ में FIR करवा दी पीड़ित महिला आगे कहती है वे मुझे कहते थे कि तुम बहुत खूब सूरत हो तुम्हारा पति इतना गरीब है मैं तुम कुछ देना चाहती हूं लेकिन मैं इग्नैर कर देती थी. आगे महिला आरोप लगाते हुए कहती है अभी दो घंटे पहले मेरी बहन का फोन आया था और उसने कहा कि दो लोग एसिड की बोतल लेकर घूम रहे हैं इस पर महिला आरोप में कहती है वे मुझे और मेरी बेटी के ऊपर एसिड डालता चाहते हैं.

महिला ने आरोप लगाया कि मेरी बेटी का स्कूल खराब हो रहा है तबियत खराब है डर के मारा डॉक्टर के पास नहीं जा सकती क्योंकि ये मौजूदा विधायक है तो उनके सुनवाई ज्यादा है विधायक है सदर सुलतानपुर के पूरा नाम विनोद सिंह है और ये भाजपा से हैं. महिला से जब आगे पूछा जाता है कि तुम कैसे इनके संपर्क में आई तो महिला ने कहा कि ये हम लखनऊ में रहते हैं अपार्टमेंट एक था तो लिफ्ट में कई बार आना जाना था तो ये कहने लगे कि तुम मेरी भावना को नहीं समझती तो मेरी बात मानों नहीं तो मैं तुम्हें खत्म कर दूंगा.

महिला ने कहा कि मेरे साथ बदसलूकी हुई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। महिला ने कहा कि ये मुझे करीब 3 से चार महिला से परेशान कर रहे थे और करीब पिछले महीने से ज्यादा ही बेताब हो गए और महिला ने कहा कि मेरी 10 साल की बेटी और एसिड लेकर घूम रहे हैं तो मैं डर गई इसलिए मैं कई कुछ नहीं कर पाई और एक महीना से यहीं हुं.

भाजपा विधायक विनोद सिंह कौन?

विनोद सिंह उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर विधानसभा क्षेत्र (सीट संख्या 188) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मौजूदा विधायक हैं. उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इससे पहले वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) में रहे और मायावती सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का पद भी संभाल चुके हैं.

राजनीतिक सफर

विनोद सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी. वर्ष 2002 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लम्भुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके. इसके बाद 2007 में वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) में शामिल हो गए. बसपा के टिकट पर उन्होंने लम्भुआ विधानसभा सीट से चुनाव जीता और विधायक बने.

इसी कार्यकाल के दौरान वर्ष 2007 से 2012 तक मायावती सरकार में पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार हार का सामना करना पड़ा. साल 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें सुलतानपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने करीबी मुकाबले में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे.

विनोद सिंह का संबंध एक राजनीतिक परिवार से है. उनके पिता स्वर्गीय बाबू केदारनाथ (के.एन.) सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे. वह लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे तथा केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. विनोद सिंह ने एम.ए. और एलएल.बी. की शिक्षा प्राप्त की है. पेशे से वह अधिवक्ता (एडवोकेट) हैं. राजनीति के अलावा उनका जुड़ाव शिक्षा क्षेत्र से भी रहा है और वह कमला नेहरू मेमोरियल ट्रस्ट से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के प्रबंधन में भी सक्रिय रहे हैं.