नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन में सरकार अपनी 6.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत मंगलवार को संस्थागत निवेशकों के लिए बोली शुरू होगी, जबकि बुधवार को खुदरा निवेशकों को शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा।

सरकार ने इस OFS के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया है। यह कीमत बीएसई पर सोमवार को बंद हुए 424.35 रुपये के भाव से लगभग 10 प्रतिशत कम है। इस वजह से खुदरा निवेशकों को बाजार भाव की तुलना में कम कीमत पर LIC के शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पहले 2.5 फीसदी इक्विटी बेचने का प्रस्ताव लेकर आई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके साथ ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। यदि पूरा इश्यू सब्सक्राइब होता है तो सरकार कुल 82.22 करोड़ से अधिक शेयर, यानी लगभग 6.5 फीसदी हिस्सेदारी, बेच सकेगी। इससे सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है।

यह हिस्सेदारी बिक्री केवल विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है, बल्कि इससे LIC को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता की शर्त पूरी करने में भी मदद मिलेगी। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने LIC को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 फीसदी सार्वजनिक शेयरधारिता सुनिश्चित करने की समयसीमा दी है। वर्तमान में कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 96.5 फीसदी है।

सोमवार को बीएसई पर LIC का शेयर 424.85 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 52 सप्ताह में इसका उच्चतम स्तर 468.30 रुपये और न्यूनतम स्तर 361 रुपये रहा है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 5.36 लाख करोड़ रुपये है, जिससे यह बाजार मूल्यांकन के आधार पर सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल है।

सरकार का यह OFS निवेशकों के लिए रियायती कीमत पर LIC के शेयर खरीदने का अवसर लेकर आया है। वहीं, सरकार के विनिवेश कार्यक्रम और सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ाने की दिशा में भी इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।