टीवी इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक में अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर आज 01 अगस्त को अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने एक्टिंग और काबिलियत के दम पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हालांकि एक्ट्रेस का यह सफर इतना आसान नहीं था। अपने करियर की शुरूआत में मृणाल को डिमोटिवेटिंग और निगेटिव एक्सपीरियंस का सामना करना पड़ा था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार

महाराष्ट्र के धुले में 01 अगस्त 1992 में मृणाल ठाकुर का जन्म हुआ था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इनके पिता उदय ठाकुर बैंक में कार्यरत थे। जिनकी नौकरी ट्रांसफरेबल थी। पोस्टिंग की वजह से परिवार मुंबई शिफ्ट हो गया। मुंबई में स्थायी रूप से रहना मृणाल के जीवन का अहम मोड़ साबित हुआ। क्योंकि पढ़ाई और करियर की दिशा यहीं से तय हुई। मृणाल ने मुंबई के KC College से मास मीडिया में ग्रेजुएशन करने लगीं। लेकिन एक्टिंग में व्यस्तता की वजह से वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाई।
जर्नलिस्ट बनने का सपना
मृणाल जर्नलिस्ट बनना चाहती थीं। वह मुंबई आतंकी हमलों से प्रेरित होकर क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने जर्नलिज्म में एडमिशन लिया, लेकिन किस्मत उनको एक्टिंग में ले आई। कॉलेज के समय में मृणाल ने मजाक में ऑडिशन दिया। लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई।
मिला पहला ब्रेक
साल 2012 में मृणाल को स्टार प्लस का शो ‘मुझसे कुछ कहती ये खामोशियां’ में काम करने का मौका मिला। यहीं से उनके एक्टिंग करियर की शुरूआत हुई। टीवी के बाद एक्ट्रेस ने मराठी फिल्मों का रुख किया। मृणाल को पहली मराठी फिल्म ‘Hello Nandan’ मिली। इस फिल्म से एक्ट्रेस ने बड़े पर्दे पर कदम रखा। उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनाना शुरू किया।
वहीं टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’ में ‘बुलबुल’ का रोल निभाकर एक्ट्रेस को घरघर में पहचान मिली। वहीं अभिनेत्री ‘लव सोनिया’, ‘बटला हाउस’, ‘सुपर 30’, ‘घोस्ट स्टोरी’, ‘सीता रामम’, ‘सन ऑफ सरदार 2’, ‘धमाका’, ‘है जवानी तो इश्क होना है’, ‘जर्सी’ और ‘गुमराह’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं।



