डाबर इंडिया के शेयर पहली तिमाही के नतीजों के बाद 3% से ज्यादा गिर गए। इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 15% बढ़कर 591 करोड़ रुपये रहा।

देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी डाबर इंडिया के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई। कंपनी के शेयरों में यह मंदी पहली तिमाही के नतीजों के बाद आई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। डाबर के शेयर सुबह 433 रुपये के स्तर पर खुले और शुरुआती कारोबार में 415 रुपये का निचला स्तर छू लिया। डाबर इंडिया देश के सबसे पुरानी एफएमसीजी कंपनी है, जिसकी स्थापना 1884 में भारत के कोलकाता में डॉ. एस. के. बर्मन ने की थी।

डाबर इंडिया लिमिटेड ने बुधवार को बताया कि वित्त वर्ष 2025 की जून तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर 591 करोड़ रुपये हो गया है।

कैसे रहे डाबर इंडिया के Q1 रिजल्ट?

डाबर इंडिया ने पिछले फाइनेंशियल ईयर की इसी तिमाही में ₹3,405 करोड़ के मुकाबले, Q1FY27 में ऑपरेशन से होने वाली कमाई बढ़कर ₹3,764 करोड़ हो गई। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, देश की FMCG कंपनी ने एक साल पहले अप्रैलजून तिमाही में ₹514 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया था।

नतीजों पर कंपनी ने क्या कहा?

कंपनी के ग्लोबल CEO मोहित मल्होत्रा ने कहा, “यह लगातार तीसरी तिमाही है जब डाबर ने मुनाफ़े में डबल डिजिट बढ़ोतरी दर्ज की है। इस तिमाही में लगातार महंगाई के दबाव, MENA क्षेत्र में बढ़ती जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कमोडिटी मार्केट में उतारचढ़ाव के माहौल में गुज़री।”

मोहित मल्होत्रा ने कहा, “यह लगातार तीसरी तिमाही है जब डाबर ने मुनाफ़े में डबल डिजिट बढ़ोतरी दर्ज की। हमारी अलगअलग रणनीतियों की वजह से हम भविष्य में ग्रोथ के लिए निवेश जारी रखते हुए अपने मार्जिन को बढ़ाने में कामयाब रहे। हमारा प्रदर्शन यह दिखाता है कि अनिश्चित समय में भी, लगातार अच्छा काम करना और ग्राहकों को ध्यान में रखकर इनोवेशन करना ही हमारी तरक्की के सबसे बड़े कारण हैं।”

शेयरों के लिए क्या लेवल अहम?

डाबर इंडिया के शेयर फिलहाल 419 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। आनंद राठी इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के सीनियर मैनेजर, जिगर एस पटेल ने कहा कि डाबर के शेयरों के लिए नीचे की ओर 410400 एक अहम सपोर्ट होगा, जबकि ऊपर की ओर 438440 बड़ा रेजिस्टेंस देखने को मिलेगा।