सरकार एजुकेशन लोन देने के प्रोसेस को बढ़ाने के लिए देश भर में एक अभियान की तैयारी कर रही है. इसका मकसद अगले साल तक एजुकेशन लोन के डिस्ट्रीब्यूशन को लगभग दोगुना करना है, जिसके लिए तेजी से मंजूरी, कैंपस तक पहुंच और आसान लोन नियम अपनाए जाएंगे. शिक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर एक रोडमैप पर काम कर रहा है. इसमें राज्य शिक्षा विभाग, राज्यस्तरीय बैंकर समितियां और हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स शामिल हैं, ताकि एजुकेशन फाइनेंस तक पहुंच बेहतर हो सके. बैंकों ने वित्त वर्ष 2026 में लगभग 39,000 करोड़ रुपए के एजुकेशन लोन बांटे थे. जबकि वित्त वर्ष 2025 में ये आंकड़ा 40,253 करोड़ रुपए था.

लगाएं जाएंगे कैंप

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि बैंक लगभग 50,000 हायर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में कैंप लगाएंगे ताकि मौके पर ही लोन मंजूर किए जा सकें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे लोन मंजूरी के प्रोसेस का समय घटाकर 10 दिन करें, यानी इस डेडलाइन के भीतर लोन मंजूरी को अंतिम रूप दें. बैंक के एक सीनियर अधिकारी ने मीडिया रिपोर्ट में कहा कि लगभग 1,000 संस्थानों की पहचान पहले ही कर ली गई है, जहां छात्रों को मौके पर ही लोन मंजूरी की सुविधा दी जा रही है. अधिकारी ने कहा कि कुछ मामलों में हम अन्य सभी तरह के शुल्क भी माफ कर रहे हैं. वित्त वर्ष 2026 में 3,80,000 से ज्यादा एजुकेशन लोन आवेदनों को मंज़ूरी दी गई थी.

वित्त वर्ष 2026 किस बैंक ने कितना दिया एजुकेशन लोन

बैंक

लोन की र​कम

एसबीआई

13,370

केनरा

4,306

यूबीआई

4,274

आईसीआईसीआई बैंक

3,775

बीओबी

2,871

क्रेडिट गारंटी कवर बढ़ाने पर भी विचार

सरकार बिना गारंटी वाले एजुकेशन लोन के लिए क्रेडिट गारंटी कवर बढ़ाने पर भी विचार कर रही है. इस कदम से बैंक बिना गारंटी के मौजूदा 7.5 लाख रुपए की लिमिट से ज्यादा लोन दे सकेंगे. इस स्कीम के तहत ब्याज दरें बैंक की बाहरी बेंचमार्क वाली लेंडिंग रेट और 50 बेसिस पॉइंट्स तक सीमित हैं. पहले बताए गए अधिकारी ने कहा कि हम उन लोन के लिए कोएप्लिकेंट की जरूरत को खत्म करने पर भी विचार कर रहे हैं जिन्हें गारंटी कवर मिलता है.

सीजीएफएसईएल कवरेज

फिलहाल, नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा चलाई जा रही ‘क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन’ , मॉडल एजुकेशन लोन स्कीम सहित योग्य स्कीमों के तहत 7.5 लाख रुपए तक के लोन का 75 फीसदी कवर करती है. दिसंबर 2025 में, संसद की एक स्थायी समिति ने शिक्षा की बढ़ती कॉस्ट, फीस में बढ़ोतरी और बिना गारंटी वाले लोन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए CGFSEL गारंटी कवर को बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की सिफारिश की थी. मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा को बताया कि प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत 202425 से 203031 की अवधि के लिए ब्याज सब्सिडी पर 3,600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.