राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा का इस्तीफा हो चुका है. इस महीने की शुरुआत में ट्रस्ट की बैठक में उनका इस्तीफा स्कीकार किया गया था. दोनों ने अपने इस्तीफे में क्या लिखा था, अब इसकी डिटेल्स सामने आई है.

इस्तीफा पत्र में चोरी की घटना, ट्रस्ट की शुरुआती कार्रवाई, 81 लाख रुपये की वापसी, एसआईटी जांच की सिफारिश और दोनों के पद छोड़ने की पूरी वजह बताई गई है. पत्र में यह भी कहा गया है कि कुछ जिम्मेदार लोगों द्वारा भी निरर्थक और अनर्गल बयान दिए गए, जिससे विवाद और बढ़ा. इस्तीफा पत्र के अनुसार, 4 जून की रात दानपात्र की गिनती के दौरान 56 युवकों द्वारा चोरी किए जाने की जानकारी एक ट्रस्टी को मिली. 5 जून की सुबह सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें कुछ युवकों की पहचान होने का दावा किया गया.
चंपत रायअनिल मिश्रा के इस्तीफे में क्याक्या?
पत्र के अनुसार, तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के बजाय पहले संबंधित युवकों से पूछताछ का निर्णय लिया गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दावा किया गया कि 5 जून की रात से 8 जून के बीच आरोपित युवकों और उनके परिजनों ने कुल 81 लाख रुपये ट्रस्ट को वापस लौटा दिए।
इस्तीफा पत्र के मुताबिक, संबंधित सभी लोगों ने चोरी स्वीकार करते हुए लिखित स्वीकृति पत्र भी दिए. पत्र में कहा गया कि मामले की चर्चा बढ़ने पर ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से SIT से जांच कराने का अनुरोध किया, ताकि पूरे प्रकरण का सत्य सामने आ सके.
पत्र के अनुसार राज्य सरकार ने अनुरोध स्वीकार करते हुए 15 जून से एसआईटी जांच शुरू कराई. इस्तीफे में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने लिखा कि नीरक्षीर विवेक होने तक ट्रस्ट के सभी कार्यों से स्वयं को दूर रख रहे हैं, इस पत्र को हमारा त्यागपत्र मानकर स्वीकार किया जाए.



