भारत में एक समय ऐसा था जब हर दूसरी नई कार डीजल इंजन के साथ बिकती थी. करीब 10 साल पहले नई कारों की बिक्री में डीजल कारों की हिस्सेदारी लगभग 50% थी. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच डीजल कारों की मांग लगातार घट रही है. BS7 उत्सर्जन नियम अब इस बदलाव को और तेज कर सकते हैं. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या BS7 लागू होने के बाद डीजल कारें बंद हो जाएंगी?

क्या हैं BS7 नियम?

BS7 नए प्रदूषण मानक होंगे, जिन्हें भविष्य में भारत में लागू किया जा सकता है. इनका मकसद वाहनों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण को और कम करना है. हालांकि सरकार ने अब तक BS7 लागू करने की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है. लेकिन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही वाहन कंपनियों से नए नियमों के लिए तैयारी शुरू करने की बात कह चुके हैं. माना जा रहा है कि अगले 23 साल में BS7 नियम लागू किए जा सकते हैं.

क्या BS7 से डीजल कारें बंद हो जाएंगी?

फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं है कि डीजल कारों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी. लेकिन BS7 नियम लागू होने के बाद कई डीजल कारों का बाजार से बाहर होना तय माना जा रहा है. दरअसल, नए उत्सर्जन नियमों को पूरा करने के लिए कंपनियों को डीजल इंजन में बड़े बदलाव करने होंगे. इसके लिए बड़े और महंगे फिल्टर लगाने होंगे. एग्जॉस्ट सिस्टम को और आधुनिक बनाना होगा. AdBlue का ज्यादा इस्तेमाल बढ़ेगा और इंजन की तकनीक को और एडवांस बनाना होगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन सभी बदलावों से कार बनाने की लागत बढ़ जाएगी. इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ेगा और डीजल कारों की कीमतें बढ़ सकती हैं.

किन डीजल कारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है?

BS7 नियम लागू होने के बाद कुछ लोकप्रिय डीजल मॉडल प्रभावित हो सकते हैं. अभी तक किसी कंपनी ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि कौनसी कार बंद होगी. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा कि Toyota Innova Crysta का 2.4लीटर डीजल इंजन बंद होने की चर्चा है. Toyota Fortuner के 2.8लीटर डीजल इंजन पर भी भविष्य में फैसला लिया जा सकता है. Tata Harrier और Tata Safari में मिलने वाला 2.0लीटर डीजल इंजन भी अपडेट करना पड़ेगा. Jeep Compass, Jeep Meridian और MG Hector में इस्तेमाल होने वाला यही इंजन भी नए नियमों के कारण बदलाव की मांग करेगा. Mahindra को भी अपने 2.2लीटर mHawk डीजल इंजन को BS7 के अनुसार अपग्रेड करना होगा.

ऑटो कंपनियां क्या तैयारी कर रही हैं?

BS7 को देखते हुए अधिकांश वाहन निर्माता अब सिर्फ डीजल इंजन पर निर्भर नहीं रहना चाहते. कई कंपनियां तेजी से इलेक्ट्रिक कारें , स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें और प्लगइन हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं. प्लगइन हाइब्रिड कारों में बैटरी और पेट्रोल इंजन दोनों होते हैं. इससे बेहतर माइलेज मिलता है और चार्ज खत्म होने पर भी कार पेट्रोल इंजन से चल सकती है. यही वजह है कि भविष्य में इन्हें डीजल कारों का विकल्प माना जा रहा है.

क्या अभी डीजल कार खरीदनी चाहिए?

अगर आपकी जरूरत लंबी दूरी तय करने, ज्यादा माइलेज और हाईवे ड्राइविंग की है, तो फिलहाल डीजल कारें अब भी अच्छा विकल्प हैं. लेकिन अगर आप 810 साल तक कार इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं, तो हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक विकल्पों पर भी विचार करना बेहतर हो सकता है. आने वाले सालों में कंपनियों का फोकस धीरेधीरे डीजल से हटकर नई तकनीकों पर बढ़ने की संभावना है. हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि BS7 नियमों की तारीख और अंतिम प्रावधान अभी घोषित नहीं हुए हैं. इसलिए फिलहाल डीजल कारों पर पूरी तरह रोक लगने की बात कहना सही नहीं होगा.