Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अजीबोगरीब घटना सामने आई है. हेलमेट न पहनने पर एक बिजली कर्मी का चालान काटे जाने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि बिजली विभाग ने नगराम थाना, हरदोईया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ की बिजली आपूर्ति ही बंद कर दी. घटना के बाद कुछ समय तक पुलिस थाने और चौकियों में अंधेरा छा गया. थाने में काम करने वाले कर्मचारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी.

समेसी विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत संविदा कर्मी अमरेंद्र हाईटेंशन लाइन की पेट्रोलिंग के लिए नगरामनिगोहा मार्ग पर निकले थे. इसी दौरान समेसी इंदिरा नहर पुल के पास पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी. जांच के दौरान दरोगा अनुज भाटी ने हेलमेट नहीं पहनने पर बिजली कर्मी का 6,000 रुपये का चालान कर दिया. चालान की कार्रवाई के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई.
थाने, चौकी और पुलिस बूथ की बिजली आपूर्ति की गई बंद
चालान के कुछ ही समय बाद बिजली विभाग की ओर से नगराम थाना, हरदोईया पुलिस चौकी और देवीखेड़ा पुलिस बूथ की बिजली आपूर्ति काट दी गई. विभागीय कर्मचारियों का कहना था कि इन सरकारी परिसरों पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया है. उनके मुताबिक, नगराम थाने पर करीब 3.50 लाख रुपये और हरदोईया पुलिस चौकी तथा देवीखेड़ा पुलिस बूथ पर लगभग 1.50 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है. इसी आधार पर बिजली आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई की गई.
मामले ने तूल पकड़ने के बाद बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई से अनभिज्ञता जताई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। समेसी विद्युत उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार ने कहा कि उन्हें थाना और पुलिस चौकियों की बिजली काटे जाने की कोई जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि इस संबंध में उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी.
वहीं लाइनमैन दीपक सिंह ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हरदोईया पुलिस चौकी की बिजली आपूर्ति बंद की गई थी. हालांकि यह कार्रवाई किसके निर्देश पर हुई, इसे लेकर विभाग के अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके.
कार्रवाई पर उठे सवाल, जांच की संभावना
घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या बिजली आपूर्ति काटने की कार्रवाई वास्तव में बकाया बिल के कारण की गई या फिर यह चालान के बाद हुई नाराजगी का परिणाम थी. चूंकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया है, ऐसे में पूरे मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है.
फिलहाल पुलिस और बिजली विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक संयुक्त बयान सामने नहीं आया है. वहीं स्थानीय स्तर पर यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है.



