गाजियाबाद। जुनैद वर्तमान में गाजियाबाद के कॉलेज से वकालत की पढ़ाई कर रहे हैं। इसी बीच, 23 जुलाई की शाम करीब 5 बजे थाना मसूरी पुलिस जुनैद के घर पहुंची। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। परिवार के अनुसार पुलिस ने घर में रखे दस्तावेजों की जांच की और जुनैद के पिता मौहम्मद मुस्तफा को पूछताछ के लिए थाने ले गई।

दिल्ली के जंतरमंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन समाप्त हो चुका है। इस आंदोलन में सेवादार के रूप में छात्रों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने वाले गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र के ग्राम नाहल निवासी 26 वर्षीय मौहम्मद जुनैद मलिक इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं।
एलएलबी की पढ़ाई कर रहा जुनैद
जुनैद वर्तमान में गाजियाबाद के कॉलेज से वकालत की पढ़ाई कर रहे हैं। इसी बीच, 23 जुलाई की शाम करीब 5 बजे थाना मसूरी पुलिस जुनैद के घर पहुंची। परिवार के अनुसार पुलिस ने घर में रखे दस्तावेजों की जांच की और जुनैद के पिता मौहम्मद मुस्तफा को पूछताछ के लिए थाने ले गई, उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेजों के सम्बंध में जानकारी ली गई।
जुनैद के घर और बहन के ससुराल जा चुकी पुलिस
परिवार का कहना है कि रात लगभग 11 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। परिजनों के मुताबिक, अगले दिन 24 जुलाई को जुनैद के पिता मुस्तफा को दोबारा थाने बुलाया गया, जहां पूरे दिन पूछताछ के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। परिवार का यह भी कहना है कि 24 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे पुलिस मेरठ स्थित जुनैद की बड़ी बहन के ससुराल पहुंची और उनके ससुर से भी पूछताछ की।
रिश्तेदारों के बैंक खातों की हो रही जांच
बताया जा रहा है कि पुलिस परिवार और रिश्तेदारों के बैंक खातों की भी जांच कर रही है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं किसी खाते में बाहरी स्रोत से कोई संदिग्ध फंडिंग तो प्राप्त नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम पर मौहम्मद जुनैद का कहना है कि वह पिछले 35 दिनों से जंतरमंतर पर चल रहे नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सेवा कर रहे हैं।
‘मेरा नाम जुनैद इसलिए किया जा रहा परेशान’
जुनैद के अनुसार, लोग अपनी इच्छा से भोजन, बिस्किट, पानी और अन्य सामग्री भेजते हैं, जिसे वह स्वयं छात्रों तक पहुंचा देते थे, उनका कहना है कि वह भी एक छात्र हैं और निस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे थे। जुनैद ने कहा कि मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। मैं केवल आंदोलन में शामिल छात्रों की सेवा कर रहा था। पुलिस अपनी जांच करे, मुझे उससे कोई आपत्ति नहीं है। मेरा मानना है कि मुझे केवल इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि मेरा नाम मौहम्मद जुनैद है।
पुलिस का बयान
हालांकि, इस सम्बंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से यह कहा गया है कि जांच का उद्देश्य तथ्यों का सत्यापन करना है। यदि किसी प्रकार की वित्तीय या अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है, तो वह नियमानुसार की जा रही है। मामले में पुलिस की ओर से अभी तक कोई अन्तिम निष्कर्ष या आरोप सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिवार पुलिस कार्रवाई को अनावश्यक बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में जुनैद के पिता मौहम्मद मुस्तफा से पूछताछ की गई थी जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।



