कोरोना महामारी के बाद देश में वर्क फ्रॉम होम का चलन तेजी से बढ़ा है. आज भी कई कंपनियां कर्मचारियों को पूरी तरह या हाइब्रिड मॉडल में घर से काम करने की सुविधा दे रही हैं. ऐसे में कई कंपनियां कर्मचारियों को इंटरनेट, मोबाइल, लैपटॉप, ऑफिस फर्नीचर और अन्य खर्चों के लिए रिइम्बर्समेंट भी देती हैं. हालांकि, इन सभी भुगतान पर आयकर छूट नहीं मिलती. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। टैक्स नियम इस बात पर निर्भर करते हैं कि भुगतान किस उद्देश्य से किया गया है और उसका इस्तेमाल कैसे हुआ है.

किन रिइम्बर्समेंट पर नहीं लगता टैक्स?

आयकर नियमों के अनुसार, यदि कंपनी कर्मचारी को उसके काम से जुड़े वास्तविक खर्च की भरपाई करती है और कर्मचारी उसके बिल या अन्य दस्तावेज जमा करता है, तो ऐसे रिइम्बर्समेंट को आमतौर पर टैक्स योग्य आय नहीं माना जाता.

उदाहरण के लिए, यदि कर्मचारी को ऑफिस के काम के लिए इंटरनेट ब्रॉडबैंड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, सॉफ्टवेयर या अन्य जरूरी उपकरणों का खर्च कंपनी वापस करती है, तो यह भुगतान टैक्सफ्री हो सकता है. शर्त यह है कि खर्च वास्तव में नौकरी से जुड़ा हो और उसके उचित रिकॉर्ड उपलब्ध हों.

किन भुगतान पर देना पड़ सकता है टैक्स?

यदि कंपनी बिना किसी बिल या खर्च के प्रमाण के कर्मचारियों को एक निश्चित राशि हर महीने देती है, जैसे वर्क फ्रॉम होम अलाउंस या फिक्स्ड कैश भत्ता, तो इसे आमतौर पर वेतन का हिस्सा माना जाता है. ऐसे भुगतान पर आयकर लागू हो सकता है.

इसी तरह यदि कर्मचारी को ऑफिस फर्नीचर, एयर कंडीशनर, बिजली या घरेलू खर्चों के लिए एकमुश्त नकद राशि दी जाती है और उसका वास्तविक उपयोग या खर्च साबित नहीं किया जा सकता, तो यह भी टैक्स के दायरे में आ सकती है.

दस्तावेज संभालकर रखना है जरूरी

टैक्स विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों को इंटरनेट, मोबाइल, कंप्यूटर एक्सेसरीज़ या अन्य कार्य संबंधी खर्चों के बिल और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए. यदि आयकर विभाग या कंपनी की ओर से कभी सत्यापन किया जाता है, तो ये दस्तावेज यह साबित करने में मदद करेंगे कि रिइम्बर्समेंट केवल आधिकारिक काम के लिए मिला था.

नौकरी बदलने या ITR भरते समय रखें सावधानी

यदि कर्मचारी ने वित्त वर्ष के दौरान नौकरी बदली है या एक से अधिक कंपनियों से रिइम्बर्समेंट प्राप्त किया है, तो सभी भुगतान का सही विवरण रखना जरूरी है. आयकर रिटर्न दाखिल करते समय यह सुनिश्चित करें कि टैक्सफ्री रिइम्बर्समेंट और टैक्स योग्य भत्तों में सही अंतर किया गया हो.

विशेषज्ञों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम से जुड़े सभी भुगतान अपने आप टैक्सफ्री नहीं होते. इसलिए कर्मचारियों को अपनी कंपनी की रिइम्बर्समेंट नीति, आयकर नियमों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर रखनी चाहिए. सही जानकारी और रिकॉर्ड के साथ न केवल टैक्स विवाद से बचा जा सकता है, बल्कि ITR दाखिल करते समय भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.