दिनभर खड़े रहने, लंबे समय तक बैठकर काम करने या ज्यादा चलने की वजह से कई लोगों के पैरों में सूजन आ जाती है. कई बार यह समस्या कुछ समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाती है, लेकिन अगर पैरों में बारबार सूजन आए या यह लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ सामान्य कारणों, जैसे ज्यादा नमक खाना, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे या खड़े रहना और प्रेग्नेंसी की वजह से भी पैरों में सूजन हो सकती है.

हालांकि, अगर बारबार हो, एक पैर में ज्यादा हो, दर्द, लालपन, सांस लेने में तकलीफ या दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में केवल घरेलू उपायों पर भरोसा करने की बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. समय पर जांच कराने से सही कारण का पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इलाज शुरू किया जा सकता है. आइए जानते हैं पैरों में बारबार सूजन किन बीमारियों का संकेत हो सकती है, डॉक्टर कौनसी जांच की सलाह दे सकते हैं और इस समस्या को कम करने के लिए क्या करना चाहिए.
पैरों में बारबार सूजन किन बीमारियों का संकेत हो सकती है?
के अनुसार, पैरों में बारबार सूजन कई बीमारियों से जुड़ी हो सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हार्ट फेलियर में दिल शरीर में खून को ठीक तरह से पंप नहीं कर पाता, जिससे पैरों और टखनों में पानी जमा होने लगता है. किडनी की बीमारी होने पर शरीर से अधिक पानी और नमक सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे सूजन आ सकती है. लिवर की बीमारी में शरीर में प्रोटीन की कमी और तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ने से पैरों में सूजन हो सकती है.
साथ ही, नसों की समस्या यानी वेनस इनसफिशिएंसी में पैरों की नसें खून को सही तरीके से वापस दिल तक नहीं पहुंचा पातीं, जिससे पैरों में सूजन हो जाती है. इसके अलावा खून का थक्का बनने पर एक पैर में अचानक सूजन, दर्द और भारीपन महसूस हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
पैरों में सूजन होने पर डॉक्टर कौनसी जांच कराने की सलाह दे सकते हैं?
अगर पैरों में सूजन बारबार हो रही है, तो डॉक्टर सबसे पहले आपकी मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और दूसरे लक्षणों के बारे में पूछ सकते हैं. इसके बाद शरीर की जांच की जाती है. MedlinePlus के मुताबिक, कारण जानने के लिए खून की जांच, पेशाब की जांच, किडनी और लिवर की जांच, हार्ट की जांच, ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी या पैरों की नसों का अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जा सकती है.
कौनसी जांच करनी है, यह सूजन की वजह और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना खुद से इलाज शुरू नहीं करना चाहिए.
पैरों की सूजन कम करने के लिए क्या करें?
अगर पैरों में हल्की सूजन है, तो कुछ देर पैरों को तकिए पर रखकर ऊंचा करें. लंबे समय तक लगातार बैठने या खड़े रहने से बचें और बीचबीच में थोड़ा टहलें. जरूरत से ज्यादा नमक खाने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं.
आरामदायक जूते पहनें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें. अगर सूजन बारबार हो रही है, बढ़ती जा रही है या इसके साथ दर्द, लालपन, सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.



