Vaishno Devi Landslide: माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है. जम्मूकश्मीर के कटरा में भारी बारिश की वजह से श्री माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले नए मार्ग पर भूस्खलन हो गया है. लैंडस्लाइड की यह घटना अर्धकुंवारी से भवन के बीच वाले रास्ते पर हुई है. एहतियात के तौर पर प्रशासन ने इस प्रभावित क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोक दिया है. रास्ते से मलबा हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम तेजी से चल रहा है.

कटरा में बीते कुछ घंटों से हो रही तेज बारिश की वजह से पहाड़ों से मलबा गिरना शुरू हो गया. इसी दौरान अर्धकुंवारी और भवन को जोड़ने वाले नए मार्ग पर एक बड़ा भूस्खलन हो गया. गनीमत यह रही कि समय रहते खतरे को भांप लिया गया और तुरंत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. भूस्खलन की वजह से पैदल चलने वाले यात्रियों और वाहनों के लिए काफी परेशानी खड़ी हो गई है.

लगातार चौथे दिन भी बंद रही श्री माता वैष्णो देवी यात्रा

लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा चौथे दिन भी स्थगित रही. हजारों श्रद्धालु यात्रा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम पूरी तरह सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी. यात्रा बंद रहने के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन, स्थानीय सामाजिक संस्थाओं और लोगों द्वारा विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क लंगर की व्यवस्था की गई है. विशेष रूप से भूमिका मंदिर में भी श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई है, जहां बड़ी संख्या में यात्री लंगर ग्रहण कर रहे हैं.

प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति और यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहा है. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू होने संबंधी केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि मौसम में सुधार होते ही मां वैष्णो देवी के पावन दरबार की यात्रा जल्द पुनः शुरू होगी.

बैटरी कार सेवाएं पूरी तरह प्रभावित

नए ट्रैक पर भूस्खलन होने के कारण इस मार्ग पर चलने वाली बैटरी कार सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. इस सेवा का उपयोग मुख्य रूप से बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग श्रद्धालु करते हैं. बैटरी कार सेवा ठप होने की वजह से इन यात्रियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, श्राइन बोर्ड की टीम स्थिति को सामान्य करने में जुटी हुई है.

मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी

घटना की सूचना मिलते ही श्राइन बोर्ड के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए. जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से रास्ते पर फैले मलबे और पत्थरों को साफ किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है. जब तक पूरे रास्ते को सुरक्षित नहीं घोषित कर दिया जाता, तब तक नए ट्रैक पर आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित रखा जाएगा.

श्राइन बोर्ड की श्रद्धालुओं को अहम सलाह

प्रशासन ने यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक एडवायजरी जारी की है. बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे सुरक्षाकर्मियों और श्राइन बोर्ड के निर्देशों का सख्ती से पालन करें. जब तक नया मार्ग पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धालु केवल पुराने मार्ग का ही इस्तेमाल करें. पुराने रास्ते पर यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं.